उत्तर प्रदेश के आगरा में पीड़िता और महिला सब इंस्पेक्टर के बीच हुई कथित बातचीत का एक ऑडियो वायरल होने से अश्लील हरकत और छेड़छाड़ के मामले में दाखिल चार्जशीट पर गंभीर सवाल उठ गए हैं. वायरल ऑडियो में चार्जशीट से आरोपियों के नाम हटाने और पीड़िता को बिना बताए चार्जशीट दाखिल करने जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं. और पढ़ें
मामला एत्मादपुर थाना क्षेत्र का है. पीड़िता एत्मादपुर की रहने वाली है और शिकोहाबाद में नर्सिंग का कोर्स कर रही है. पीड़िता के अनुसार 19 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे छुट्टी के बाद वह स्कूटी से घर लौट रही थी. इसी दौरान एक आई-टेन कार ने ओवरटेक कर रास्ता रोका.
आरोप है कि कार सवार युवकों ने जबरन उसका हाथ पकड़कर गाड़ी में खींच लिया. पीड़िता का कहना है कि उसके साथ अश्लील हरकतें की गईं, मुंह दबाया गया और कपड़े फाड़ दिए गए. विरोध करने पर गला दबाने की कोशिश की गई. पुलिस वाहन आने का अंदेशा होने पर आरोपी उसे सड़क पर फेंककर फरार हो गए.
महिला सब इंस्पेक्टर का ऑडियो वायरल
पीड़िता की शिकायत पर एत्मादपुर थाने में अश्लील हरकत और छेड़छाड़ की धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई. विवेचना महिला सब इंस्पेक्टर नीटू को सौंपी गई. पीड़िता का आरोप है कि उसने छह आरोपियों के नाम बताए थे, लेकिन चार्जशीट में केवल दो नाम शामिल किए गए.
वायरल ऑडियो में पीड़िता चार नाम हटाने की बात कहती सुनाई देती है. बातचीत में महिला सब इंस्पेक्टर चार्जशीट की जानकारी से इनकार करती हैं और इंस्पेक्टर पर बिना बताए चार्जशीट दाखिल करने और नाम काटने के आरोप लगाती हैं. ऑडियो में पैसों के लेनदेन के आरोप भी सामने आते हैं.
डीसीपी ने महिला सब इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया
पीड़िता की शिकायत के बाद डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा ने महिला सब इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया है. डीसीपी वेस्ट ने बताया कि ऑडियो सामने आने से करीब दस दिन पहले ही लाइन हाजिर किया गया था और ऑडियो में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है. जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
वायरल ऑडियो की क्रमवार बातचीत
पीड़िता: चार्जशीट आपने लगा दी,मुझे बताया भी नहीं.आरोपियों के नाम भी हटा दिए.
महिला SI: यार, मैंने चार्जशीट नहीं लगाई है.मुझे चार्जशीट का नंबर तक नहीं पता.पीड़िता: मेरा फोन भी नहीं उठाया.महिला SI: तुम्हारा फोन इसलिए नहीं उठा पाई,क्योंकि मैं जल्दी निकल आई थी.
पीड़िता: चार्जशीट में सिर्फ 2 लोगों के नाम हैं,जबकि 6 लोगों के नाम थे.महिला SI: इंस्पेक्टर साहब ने मेरी SI की स्टेजी कर दी.बिना बताए चार्जशीट लगा दी, चार लोगों के नाम काट दिए, वो लोग गलत कर रहे हैं.
पीड़िता: मुझे क्या पता गलती आपकी है या इंस्पेक्टर साहब की.महिला SI: मैं अपने बीमार बच्चे की कसम खा रही हूं, मुझे कुछ नहीं पता.पीड़िता: मुझे पता चला है कि चार लोगों के नाम निकलवाने के लिए, 10 लाख रुपये दिए गए हैं।महिला SI: दिए होंगे, लेकिन मुझे कुछ नहीं पता। मुझे एक रुपया भी नहीं मिला. इनसे हर कोई परेशान है.
पीड़िता (भावुक होकर): मैं अब बिल्कुल टूट चुकी हूं.
महिला SI: इंस्पेक्टर इससे पहले भी मेरी विवेचना में ऐसा कर चुके हैं. एक लाख रुपये ले लिए थे. मुझसे कहा गया कि तुम्हें एक रुपया नहीं मिलेगा.
—- समाप्त —-
Source link
