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फिर टिकट को लेकर यादव परिवार में दरार

लखनऊ : लोकसभा चुनावों की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की चौथी सूची जारी कर दी है। इस सूची में समाजवादी पार्टी की हाई प्रोफाइल सीट कैराना और संभल लोकसभा सीट के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी गई है। इस सूची के जारी होने के बाद इस बात की सुगबुगाहट तेज हो गई है कि अखिलेश यादव, सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की कोई भी बात नहीं मान रहे हैं। ऐसा इसलिए कहा जा क्योंकि मुलायम सिंह यादव ने संभल लोकसभा सीट से अपनी बहू अपर्णा यादव के लिए टिकट मांगा था।

अपर्णा यादव के लिए सिफारिश की थी
यह भी कहा जा रहा था कि इस बार इस सीट से यादव परिवार का सदस्य मैदान होगा। सूत्रों के मुताबिक, कुछ वक्त पहले मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश यादव से अपर्णा यादव के लिए सिफारिश की थी। सभी सिफारिशों को खारिज करते हुए अखिलेश यादव ने संभल लोकसभा सीट से पार्टी के पूर्व सांसद शफिकुर्रहमान बर्क को प्रत्याशी घोषित किया है।

अब तक 15 नामों की हुई घोषणा
नई सूची आने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों की संख्या 15 हो गई है। पार्टी की ओर से जारी की गई सूची के मुताबिक, मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव, फिरोजाबाद से अक्षय यादव, बदायूं से धर्मेंद्र यादव, इटावा से कमलेश कठेरिया, रोबर्टसगंज से भिलाल कोल, बहराइच से शब्बीर बाल्मीकि, कन्नौज से डिंपल यादव, लखीमपुर खीरी से पूर्वी वर्मा, हरदोई से उषा वर्मा, हाथरस से रामजी लाल सुमन और मिर्जापुर से राजेंद्र एस विंद चुनावी मैदान में होंगे।

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मोदी की अपील पर अखिलेश ने ली चुटकी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीति, व्यापार, मनोरंजन, कला, खेल, और मीडिया जगत की हस्तियों से बुधवार को अपील की कि वे मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक बनाने में मदद करें, ताकि आगामी लोकसभा चुनाव में अधिक से अधिक लोग मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

पीएम मोदी की अपील पर यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने चुटकी ली है। उन्होंने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि दिल ख़ुश हुआ कि प्रधान मंत्री जी भी महागंठबंधन से #MahaParivartan की अपील कर रहे हैं। मैं भी सभी भारतीय नागरिकों से अनुरोध करता हूं कि ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में मतदान करें और नया प्रधान मंत्री चुनें…

गौर हो कि प्रधानमंत्री ने बुधवार को ट्वीट कर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, राकांपा प्रमुख शरद पवार, बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन समेत कई नेताओं से अपील की कि वे मतदाताओं को मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें।

मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘मैं राहुल गांधी, ममता बनर्जी, पवार, मायावती, अखिलेश यादव, (बिहार में नेता प्रतिपक्ष) तेजस्वी यादव और एम के स्टालिन से अपील करता हूं कि वे आगामी लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करें। अधिक मतदान हमारे लोकतांत्रिक ताने-बाने के लिए शुभ संकेत है।’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं (तेलंगाना के मुख्यमंत्री) के. चंद्रशेखर राव, (ओडिशा के मुख्यमंत्री) नवीन पटनायक, (कर्नाटक के मुख्यमंत्री) एच डी कुमारस्वामी, (आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री) एन चंद्रबाबू नायडू और (आंध्र प्रदेश में विपक्ष के नेता) वाईएस जगन मोहन रेड्डी से अपील करता हूं कि वे आगामी लोकसभा चुनाव में मतदान केंद्रों में अधिकतम भारतीयों को लाने के लिए काम करें।’

मोदी ने एशियन न्यूज इंटरनेशल की संपादक स्मिता प्रकाश और समाचार एजेंसी पीटीआई समेत मीडिया जगत से भी मतदाताओं को प्रोत्साहित करने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने श्रीश्री रविवशंकर समेत आध्यात्मिक जगत के नेताओं, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त, पहलवान सुशील कुमार, बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू और सायना नेहवाल समेत खेल जगत की हस्तियों से भी मतदाताओं को जागरूक बनाने में योगदान देने की अपील की।

उन्होंने लता मंगेशकर, अमिताभ बच्चन, ए आर रहमान, रणवीर कपूर, वरुण धवन, विक्की कौशल, शाहरुख खान, आमिर खान, सलमान खान, दीपिका पादुकोण, आलिया भट्ट और अनुष्का शर्मा समेत कला जगत की हस्तियों से भी कहा कि वे मतदाताओं से मतदान केंद्रों में आने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में मदद करने की अपील करें।

अखिलेश के प्रयागराज जाने से भड़क सकती थी हिंसा योगी

लखनऊ : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ हवाईअड्डे पर रोके जाने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि उनकी यात्रा से छात्र गुटों के बीच हिंसा और आगजनी भड़क सकती थी।

इस मुद्दे पर सपा सदस्यों के हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, अखिलेश यादव की यात्रा से छात्र गुटों के बीच में हिंसा भड़क सकती थी। आगजनी भड़क सकती थी. उन्होंने कहा कि यादव दस दिन पहले कुंभ गये थे और उन्होंने संगम में डुबकी भी लगायी थी। योगी ने कहा कि सपा अराजकता के लिए जानी जाती है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अराजकता की स्थिति पैदा ना हो इसलिए उन्हें रोका गया। विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रयागराज जिला प्रशासन ने भी यह मांग की थी। उन्होंने कहा, ‘‘वह जाते तो इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में बवाल होता। छात्र गुटों में हिंसा की आशंका के चलते भी उन्हें रोका गया।

हालांकि, इस हाईवोल्टेज ड्रामा के बीच सपा प्रमुख यादव ने फिर ट्वीट किया, बिना किसी लिखित आदेश के मुझे एयरपोर्ट पर रोका गया। पूछने पर भी स्थिति साफ करने में अधिकारी विफल रहे। छात्र संघ कार्यक्रम में जाने से रोकने का एकमात्र मकसद युवाओं के बीच समाजवादी विचारों और आवाज को दबाना है। यादव के साथ मौजूद सपा नेता इंद्रजीत सरोज ने कहा, हमारे पास एटीसी से उड़ान भरने की इजाजत थी। विमान खड़ा था और हमें केवल मौखिक आदेश के आधार पर रोका गया। हम हवाई अड्डा अधिकारियों से लिखित में मांग रहे थे कि हमें क्यों रोका गया, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला।

इस बीच प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र गुटों के बीच संघर्ष की आशंका को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी थी। कुंभ में भारी भीड़ के कारण कार्यक्रम नहीं होने से संबंध में जिलाधिकारी प्रयागराज ने पूर्व मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी लखनऊ को सूचना इसकी सूचना दे दी थी। गौरतलब है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार सुबह ट्वीट के जरिए आरोप लगाया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र नेताओं के शपथ समारोह में शामिल नहीं होने देने के लक्ष्य से उन्हें लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर रोक दिया गया।

प्रयागराज जाने से राके जाने पर अखिलेश ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को उन्हें प्रयागराज जाने से रोकने को लेकर केंद्र तथा प्रदेश की भाजपा सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मिलीभगत के कारण ही लखनऊ हवाईअड्डे पर पुलिस और खुफिया विभाग के अफसरों ने उन्हें विमान पर चढ़ने से रोक दिया।

अखिलेश ने इस घटना के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में सपा समर्थित प्रत्याशी के हाथों अपने उम्मीदवार की हार से तिलमिलायी प्रदेश की भाजपा सरकार ने मुझे छात्रसंघ कार्यक्रम में शामिल होने से रोक दिया। प्रदेश सरकार मुझे हवाई अड्डे पर नहीं रोक सकती थी, यह काम केंद्र सरकार का है। मुझे लगता है कि दिल्ली (केंद्र) की सरकार भी इसमें मिली हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि रात में स्थानीय अभिसूचना इकाई और पुलिस के कुछ अफसरों ने उनके घर की रेकी (टोह) की। मंगलवार सुबह साढ़े छह बजे तीन अधिकारी उनके घर के पास बैठा दिये गये। अखिलेश ने कहा कि स्थानीय पुलिस हवाई अड्डा परिसर में नहीं जा सकती क्योंकि उसकी सुरक्षा और प्रबंध किसी दूसरे बल के पास है। इसके बावजूद अफसर वहां पहुंचे और मुझे हवाई जहाज में चढ़ने से रोक दिया। मुझे रोकनेवाले अफसर के पास कोई लिखित आदेश भी नहीं था।

सपा अध्यक्ष ने कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कह रहे हैं कि मैं अराजकता और हिंसा फैलाने जा रहा था। मैं संन्यासी योगी से पूछना चाहता हूं कि अगर मेरे राजनीतिक जीवन में मेरे ऊपर एक भी धारा लगी हो तो बतायें। अखिलेश ने संवाददाताओं के सामने कुछ तख्तियां पेश करते हुए कहा, मुख्यमंत्री जी अपराधियों की तख्ती की बात बहुत करते हैं। मैं चाहता हूं कि उनकी तख्ती आज जरूर सामने आये। यह मुख्यमंत्री पर लगी धाराओं की तख्ती है। यह पहले मुख्यमंत्री होंगे जिन्होंने खुद ही अपने मुकदमे वापस लिये हैं। आप चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में देखें तो यही धाराएं आपको दिखेंगी। उन्होंने कहा, ये हमसे कह रहे हैं कि हम हिंसा फैलाना चाहते हैं। हिंसा करनेवाला ही आज मुख्यमंत्री बन गया। इन्होंने ही सबको हिंसा करना सिखाया है।

अखिलेश ने कहा कि सपा समर्थित प्रत्याशी उदय यादव हाल ही में इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गये हैं। उनके शपथग्रहण समारोह में शामिल होना था। इसके लिए कार्यक्रम 27 दिसंबर, 2018 को भेजा गया था। इसके बाद और दो बार कार्यक्रम भेजा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में सरकार की नीयत साफ नहीं है। भाजपा इलाहाबाद विश्वविद्यालय के चुनाव को अपना चुनाव मान रही थी। पूरी सरकार और उसके मंत्री चुनाव लड़ रहे थे। जब इसमें सपा समर्थित प्रत्याशी जीत गया तो उसके हॉस्टल के कमरे में आग लगा दी गयी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की तिथि निकट आने पर उसके लिए बने मंच के पास तीन बम विस्फोट किये गये। लेकिन, नातो उदाय यादव के हॉस्टल के कमरे में आग लगानेवाले और ना ही मंच पर बम लगानेवाले के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई। अखिलेश ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में ऐसा पहले नहीं हुआ होगा कि प्रशासन बम फेंकने की इजाजत दे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता लोकसभा चुनाव का इंतजार कर रही है। वह मन बना चुकी है कि उसे क्या करना है।

लखनऊ एयरपोर्ट पर रुके अखिलेश यादव बोले; वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय के आयोजन के रास्ते में थे

लखनऊ : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मंगलवार को लखनऊ हवाई अड्डे पर प्रयागराज के लिए उड़ान भरने से रोक दिया गया। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय (एयू) में एक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अपने रास्ते पर थे।अखिलेश यादव को जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और लखनऊ के डीएम और एसएसपी द्वारा भेजे गए एक पत्र के बाद रोक दिया गया था, जिसमें विश्वविद्यालय की सलाहकार समिति के इस आयोजन को किसी भी राजनीतिक व्यक्तित्व को आमंत्रित नहीं करने का निर्णय बताया गया था।

अखिलेश ने ट्वीट किया, ‘मुझे बिना किसी लिखित आदेश के हवाई जहाज में चढ़ने से रोका गया। फिलहाल लखनऊ एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। यह स्पष्ट है कि छात्र नेता के शपथ समारोह से सरकार कितनी भयभीत है। भाजपा जानती है कि हमारे महान देश के युवा अब इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे! ”

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ (AUSU) के सदस्यों द्वारा इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में अखिलेश को आमंत्रित किया गया था। इस संबंध में एयू के कुलपति द्वारा यादव के निजी सचिव गंगाराम को एक पत्र भेजा गया था।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने ट्वीट किया कि यह कदम भाजपा सरकार की तानाशाही और लोकतांत्रिक विरोधी का उदाहरण है।

अखिलेश ने कहा ‘महामिलावट’ के प्रति सावधान रहें

लखनऊः समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने विपक्षी गठबंधन को ‘महामिलावट’ करार देने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए शुक्रवार को कहा कि यह ऐसी मिलावट है कि कौन कहां मिट जाएगा, किसी को नहीं पता। अखिलेश ने यहां संवाददाता सम्मेलन में मोदी द्वारा बार-बार विपक्षी गठबंधन को ‘महामिलावट’ बताने सम्बन्धी सवाल पर कहा ”ऐसी महामिलावट है यह, कौन कहां मिट जाएगा किसी को नहीं पता।” उन्होंने कहा कि केन्द्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार जनता से किये गये वादे निभाने में बुरी तरह नाकाम रही है। इस बार लोकसभा चुनाव में जनता भाजपा के खिलाफ ‘विद्रोह’ करेगी।

‘महामिलावट’ के प्रति सावधान रहने की सलाह
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा के खिलाफ महागठबंधन बनाने की चल रही कोशिशों पर तंज कसते हुए शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में जनता से इस ‘महामिलावट’ के प्रति सावधान रहने को कहा। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी वापस सत्ता में नहीं आ पाती है तो मतदाताओं को इस महामिलावट के प्रति सावधान रहना होगा। प्रधानमंत्री ने कल लोकसभा में भी ‘महामिलावट’ वाली टिप्पणी की थी। सपा अध्यक्ष ने कहा कि आज किसान सबसे ज्यादा संकट में हैं। सरकार ने ना तो उनका कर्ज माफ किया और ना ही उनसे किया कोई दूसरा वादा पूरा किया। इतना ही नहीं, आलू खरीदने का भाजपा का वादा पूरा ना होने पर अपनी उपज को विधानभवन के सामने फेंकने वाले किसानों पर अंग्रेजों के जमाने की उत्पीड़नात्मक धाराओं में मुकदमे दर्ज किये गए।

हर मंत्री के गले पर तख्ती लटकाकर उस पर धाराएं लिखी जाएं तो…
उन्होंने उत्तर प्रदेश के अपराधियों द्वारा अपने गले में गिरफ्तारी की ख्वाहिश में तख्ती लटकाये जाने के भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के दावे का जवाब देते हुए अखिलेश ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमण्डल के हर मंत्री के गले पर तख्ती लटकाकर उस पर धाराएं लिखी जाएं तो कैसी तस्वीर सामने आयेगी।

अखिलेश यादव ने कांग्रेस पर जमकर बरसे

लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार बनाने और समर्थन के बहुमत हासिल करने के बावजूद मध्य प्रदेश में अपने एकमात्र विधायक को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने के लिए वाबुधर को कांग्रेस पर जमकर बरसे।

मध्य प्रदेश में अपनी पार्टी के एकमात्र विधायक को मंत्री नहीं बनाने के लिए एक यादव ने कांग्रेस को “धन्यवाद” दिया, उन्होंने कहा कि इससे उनकी पार्टी के लिए रास्ता साफ हो गया है।

45 वर्षीय नेता के इस बयान को बढ़ते हुए एक और संकेत के रूप में देखा जा रहा है अंतरिक्ष और कांग्रेस से सपा का मोहभंग।

पत्रकारों से बात करते हुए, सपा प्रमुख ने अगले साल होने वाले आम चुनावों में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को साथ लेने के लिए कांग्रेस के बिना संभावित गठबंधन का संकेत दिया। अखिलेश ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के के। चंद्रशेखर राव के “गैर-कांग्रेस, गैर-भाजपा” मोर्चे को एक साथ जोड़ने की कोशिश के लिए भी स्वागत किया और कहा कि वे हाल ही में मिलने वाले थे वह उपलब्ध नहीं हो सकता था क्योंकि वह उपलब्ध नहीं था। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही तेलंगाना में राव से मिलेंगे और राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा करेंगे। दूसरी ओर, मायावती, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सुप्रीमो और “महागठबंधन” में एक संभावित साथी पहले से ही कांग्रेस पर कड़ी कार्रवाई के पर्याप्त संकेत दे चुके हैं।

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में 114 सीटों पर जीतने वाली कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, लेकिन बसपा और सपा द्वारा राज्य में पार्टी को अपना समर्थन देने के बाद ही बहुमत को छुआ। समर्थन का वादा करते हुए, मायावती ने कहा था कि भले ही बसपा कांग्रेस की कई नीतियों से सहमत नहीं है, लेकिन अगर मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा को सत्ता से बाहर रखने की ज़रूरत है, तो वह पुरानी पुरानी पार्टी का समर्थन करेगी।

टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी जैसे क्षेत्रीय प्रमुखों सहित लगभग 20 विपक्षी दलों ने 2019 के लोकसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ महागठबंधन की संभावनाओं का पता लगाने के लिए सोमवार को दिल्ली में हंगामा किया था। हालांकि, अखिलेश यादव और मायावती ने बैठक से दूर रहना चुना।

अखिलेश ने संघीय मोर्चा का किया समर्थन

नई दिल्ली : तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव गैर भाजपा और गैर कांग्रेसी दलों की एकजुटता के प्रयास में जुटे है वहीं दूसरी तरफ बुधवार को कांग्रेस से नाराज चल रहे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा झटका दिया है। अखिलेश ने जोर का झटका धीरे से देते हुए कहा कि तेलंगाना के मुख्‍यमंत्री के चंद्रशेखर राव के क्षेत्रीय दलों को एक साथ लाकर संघीय मोर्चा बनाने का समर्थन किया है। उन्‍होंने कहा कि वह खुद ही चंद्रशेखर राव से समय लेकर उनसे मिलने के लिए हैदराबाद जाएंगे।

अपने विधायक को मंत्री नहीं बनाये जाने पर अखिलेश से नाराज
मध्य प्रदेश में सपा के जीते इकलौते विधायक को मंत्री न बनाए जाने से अखिलेश नाराज हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस का भी धन्यवाद। एमपी में हमारे एक मात्र विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया है ऐसे में अब हमारा रास्ता साफ है। अखिलेश यादव ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन जरूर होगा। बीजेपी को सत्ता से हटाने के लिए सभी दलों को एक साथ आना चाहिए।

लोक भवन में हम एक प्रतिमा लगाएंगे
अखिलेश ने कहा कि लखनऊ के लोक भवन में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाना ठीक है, लेकिन हमारी सरकार आएगी तो हम भी एक मूर्ति लगाएंगे। केसीआर कांग्रेस को दरकिनार कर अखिलेश यादव और बसपा अध्यक्ष मायावती के साथ गठबंधन की कवायद में जुटे हैं। अब केसीआर के फेडरल फ्रंट को समर्थन देना कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए दूसरा बड़ा झटका माना जा रहा है।

राहुल गांधी के प्रधान मंत्री के बारे में डीएमके का हिस्सा नहीं पीएम: अखिलेश यादव

नई दिल्ली : द्रमुक प्रमुख एमके 201 9 के चुनावों में प्रधान मंत्री पद के लिए उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए स्टालिन की पिच एसपी प्रमुख अखिलेश यादव के साथ विपक्षी शिविर में पंखों को फेंकना जारी रखती है और कहा कि यह गठबंधन की राय नहीं हो सकती है। “लोग – किसान, युवा और अन्य – बीजेपी से नाखुश हैं और चाहते हैं कि उनकी सरकार जाए। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के। चंद्रशेखर राव ने राष्ट्रीय गठबंधन के लिए पहले कदम उठाए थे। प्रयास जारी रहेगा। यह आवश्यक नहीं है (स्टालिन का प्रस्ताव) गठबंधन की राय है। लेकिन बीजेपी को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। उत्तर प्रदेश के लोग आपको पराजित करने के लिए तैयार हैं, “अखिलेश ने लखनऊ में कहा।

“देश के लोग बीजेपी से नाखुश हैं और यही वजह है कि कांग्रेस को तीन राज्यों में सफलता मिली। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार और अन्य ने 201 9 के लोकसभा चुनावों से पहले गठबंधन बनाने के लिए सभी नेताओं को एक साथ लाने की कोशिश की थी। अगर कोई (स्टालिन) पीएम उम्मीदवार पर अपनी राय दे रहा है, तो यह आवश्यक नहीं है कि सभी गठबंधन सहयोगियों की राय समान हो। “अखिलेश यादव ने कहा।हालांकि, द्रमुक ने कहा कि यह गांधी के नाम को भाजपा के वास्तविक विकल्प के रूप में प्रस्तावित करने के अपने अधिकारों में था, जिसकी सरकार देश में एक संस्कृति, एक धर्म और एक भाषा को लागू करने के इच्छुक थी।

एनसीपी नेता और सांसद, मजीद मेमन ने कहा कि बीजेपी शिविर में आतंक था। आप राहुल गांधी से पूछते हैं। उन्होंने खुद को यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव के बाद फैसला किया जाएगा। यह लोगों का जनादेश है … जो भी सबसे ज्यादा सीटें प्राप्त करता है, उनके लिए उनके नेता का फैसला करना है। ”

द्रमुक के प्रवक्ता मनु सुन्दरम ने कहा कि वह खुश थे कि उनके नेता के प्रस्ताव ने बीजेपी के कबूतरों में बिल्ली स्थापित की है। स्टालिन का बयान द्रमुक के बड़े विचारों का प्रतिबिंब था कि राहुल गांधी पिछले साढ़े सालों के बीजेपी शासन के बाद व्यवहार्य वैकल्पिक नेतृत्व प्रदान करेंगे जो एक संस्कृति, एक धर्म और एक भाषा को खत्म करने के इच्छुक थे। “मैं उम्मीद नहीं करता कि सभी राजनीतिक नेताओं ने इस विचार को पकड़ लिया है। आखिरकार हम आम सहमति से जाएंगे, अगर चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया से नहीं। गठबंधन में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई है। वास्तव में, भव्य गठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर मौजूद नहीं है। फिलहाल यह केवल विभिन्न राज्यों में है। सुंदरम ने कहा कि द्रमुक को किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है (नेतृत्व का प्रस्ताव देने के लिए)।

अखिलेश यादव को मिला योगी के मंत्री का साथ, मुंबई से उद्धव रवाना

अयोध्या: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गयी है। शिवसेना के करीब 1500 कार्यकर्ता अयोध्या पहुंचे हैं जबकि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे दो बजे अयोध्या पहुंचेंगे। शिवसेना ने आज यहां धर्म सभा बुलायी है। पार्टी ने ‘पहले मंदिर, फिर सरकार’ का नारा दिया है। उद्धव ठाकरे के सह-परिवार करीब दो बजे फैजाबाद एयरपोर्ट पहुंचेंगे जिसके लिए वे मुंबई से रवाना हो चुके हैं। ठाकरे यहां साधु-संतों से मुलाकात करेंगे। यदि आपको याद हो तो उन्होंने पिछले दिनों अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए शिवाजी स्मारक से मिट्टी उठाया था।

अखिलेश के बयान को मिला योगी के मंत्री का साथ
राम मंदिर के निर्माण को लेकर विश्‍व हिंदू परिषद यानी विहिप और शिवसेना के मुहिम तेज करने के बीच सूबे के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट से अयोध्‍या में सेना भेजने की अपील की है। उन्‍होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट मामले पर कार्रवाई करे और हालात काबू में करने के लिए सेना बुलाये। अखिलेश की इस मांग को सीएम योगी के मंत्री का समर्थन मिला है। यूपी के मंत्री ओपी राजभर ने कहा है कि मैं अखिलेश के बयान का स्वागत करता हूं। अयोध्‍या में धारा-144 लगायी जानी चाहिए। अभी भी प्रशासन लोगों को यहां एकत्रित होने दे रहा है। इसका मतलब यह है कि प्रशसन यहां विफल हो चुका है। यहां सेना को बुलाये जाने की जरूरत है।
national news desk Report by : Chandan Das