दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की NEET में न्यूनतम आयु को लेकर दायर याचिका, लगाया जुर्माना

नई दिल्ली – NEET परीक्षा (NEET Exam) में बैठने के लिए आयु सीमा घटाने की मांग को लेकर दायर याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने याचिका खरिज कर दिया है. वहीं इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट ने याचिका खरिज करते हुए कहा कि वो नीतिगत फैसला है. हम दखल नहीं देंगे. कोर्ट ने जुर्माने की रकम 4 सप्ताह के भीतर DSLSA में जमा कराने का निर्देश दिया. वहीं मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अगर हम आज आयु सीमा घटा देते हैं तो कल कोई और आएगा और कहेगा कि हमारी जनरेशन अति बुद्धिमान है, इसलिए आयु सीमा 12 साल कर दी जाए. फिर कोई कहेगा कि आयु सीमा 7 साल कर दी जाए, हम ऐसा कैसे कर सकते हैं? वहीं याचिका में कहा गया कि दिसंबर 2021 तक 17 वर्ष की आयु पूरी करने वाला नियम इंडिया मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 में नहीं है.

याचिकाकर्ता के वकील की तरफ से दलील दी गई थी कि आज की जनरेशन अतिबुद्धिमान है. नई जनरेशन को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम आयु सीमा 15 साल कर देनी चाहिए NEET परीक्षा में बैठने के लिए. आयु सीमा का नियम 20 साल पुराना है. याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट से नीट परीक्षा में बैठने के लिए आयु सीमा 17 से घटा कर 15 करने की मांग की थी.

कोर्ट ने लगाया 10 हजार का जुर्माना

जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा हमें इस मामले पर विचार करने का कोई कारण नहीं दिखता इसमें कोई तथ्य नहीं हैं. आयु संबंधी नियमों को कम करने के पीछे भी कोई वजह नहीं है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया. याचिका में कहा गया याचिकाकर्ता भारत का एक नाबालिग नागरिक है. दस्तावेजों के अनुसार याचिकाकर्ता की जन्म तिथि 26 जनवरी, 2006 है. याचिकाकर्ता एक बुद्धिमान छात्र है. उसने 2019 में मैट्रिक और 2021 में कक्षा 12 की परीक्षा पास की है. याचिकाकर्ता की कक्षा के छात्र नीट 2021 दे रहे हैं, लेकिन 13 साल छोटा होने की वजह से वह नहीं दे सकता. इससे उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है.

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