पेट्रोल-डीजल फिलहाल नहीं होंगे सस्‍ते, FM निर्मला सीतारमण ने बताई कीमतों में कटौती नहीं करने की वजह, जानें सबकुछ

नई दिल्‍ली – पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों (Petrol-Diesel Prices Hike) से आम आदमी बुरी तरह से परेशान है. यही नहीं, डीजल की कीमतें बढ़ने के कारण ट्रांसपोर्टेशन की लागत में बढ़ोतरी से रोजमर्रा के इस्‍तेमाल की चीजों के दाम भी बढ़ (Inflation) गए हैं. ऐसे में लगातार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती करने की मांग की जा रही है. इस बीच, वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती नहीं किए जाने की वजह बताई. उन्‍होंने कहा कि ईंधन की आसमान छूती कीमतों के लिए पूर्व की कांग्रेसनीत संप्रग सरकार (UPA Government) जिम्‍मेदार है.

‘यूपीए सरकार ने जारी किए 1.44 लाख करोड़ के ऑयल बॉन्‍ड्स’

वित्‍त मंत्री सीतारमण ने कहा कि यूपीए सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम (Reduced Fuel Prices) करने के लिए 1.44 लाख करोड़ रुपये के ऑयल बॉन्‍ड्स (Oil Bonds) जारी किए. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार यूपीए सरकार के इस्‍तेमाल किए गए गलत तरीके का इस्‍तेमाल कर ईंधन की कीमतों में कटौती नहीं कर सकती है. केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने कहा कि यूपीए सरकार की ओर से जारी किए गए ऑयल बॉन्‍ड्स का बोझ (Burden of Oil Bonds) मोदी सरकार के ऊपर आ गया है. इसलिए हम पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती नहीं कर पा रहे हैं.

‘एक्‍साइज ड्यूटी में नहीं की जाएगी कोई कटौती’

केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि लोग पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित हैं. लोगों का चिंतित होना सही भी है. हालांकि, जब तक केंद्र और राज्य चर्चा नहीं करते हैं, तब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम करने को लेकर कोई समाधान नहीं निकल पाएगा. उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में किसी तरह की कटौती नहीं की जाएगी. उन्‍होंने उत्‍पाद शुल्‍क में कटौती नहीं करने की वजह भी बताई.

‘5 साल में किया 70,195 करोड़ रुपये के ब्‍याज का भुगतान’

वित्‍त मंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने पर यूपीए सरकार की ओर से जारी किए गए ऑयल बॉन्‍ड्स के लिए किए जा रहे ब्याज भुगतान का भारी बोझ है. सरकार ने अभी तक केवल ऑयल बॉन्ड पर बीते पांच साल में 70,195.72 करोड़ रुपये के ब्याज का भुगतान किया है. साल 2026 तक हमें अभी 37 हजार करोड़ रुपये का भुगतान करना है. उन्‍होंने कहा कि ब्याज भुगतान के बाद भी 1.30 लाख करोड़ से अधिक का मूलधन बकाया है. अगर हम पर ऑयल बॉन्ड्स का भार नहीं होता तो हम ईंधन पर उत्पाद शुल्क कम करने की स्थिति में होते.

यूपीएससी 2022 का एग्जाम कैलेंडर जारी, देखें नोटिफिकेशन, प्रीलिम्स और मेन की जरूरी तारीखें

UPSC Exam Calendar 2022, UPSC Jobs – संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) ने यूपीएससी वर्ष 2022 के लिए वार्षिक परीक्षा कार्यक्रम (UPSC Exam Calendar 2022) जारी कर दिया है। यूपीएससी द्वारा जारी किए गए सालाना परीक्षा शेड्यूल के अनुसार, सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2022 (civil services prelims exam 2022) 5 जून को आयोजित की जाएगी, जबकि इसका नोटिफिकेशन 2 फरवरी, 2022 और फाइनल एग्जाम के लिए आवेदन करने की तिथि 22 फरवरी होगी।

उम्मीदवार यूपीएससी वार्षिक परीक्षा 2022 कैलेंडर यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर ऑनलाइन देख सकते हैं। हालांकि, ये परीक्षा की तिथियां संभावित हैं और अगर स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर इसमें बदलाव भी किए जा सकते हैं। जिसकी सूचना आयोग (UPSC) अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर देगा। यूपीएससी एग्जाम कैलेंडर 2022 का डायरेक्ट लिंक नीचे दिया गया है।

यूपीएससी 2021 में कई जरूरी नोटिफिकेशन जारी करने वाले है। इनमें-
इंजीनियरिंग सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा 2022 (UPSC Engineering Services Prelims Exam 2022)

नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख – 22 सितंबर 2021
आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख – 12 अक्टूबर 2021
एग्जाम डेट – 20 फरवरी 2022

कंबाइंज जीईओ-साइंटिस्ट प्रारंभिक परीक्षा (UPSC Combined Geo-Scientist Prelims Exam 2022)

नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख – 22 सितंबर 2021
आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख – 12 अक्टूबर 2021
एग्जाम डेट – 20 फरवरी 2022

सीआईएसएफ सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा 2020 (UPSC CISF AC(EXE) LDCE-2022)

नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख – 01 दिसंबर 2021
आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख – 21 दिसंबर 2021
एग्जाम डेट – 03 मार्च 2022

यूपीएससी एनडीए और एनए-I (UPSC NDA, NA Exam-I 2022) और यूपीएससी संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा (UPSC CDS Exam -I 2022)

नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख – 22 दिसंबर 2021
आवेदन की आखिरी तारीख – 11 जनवरी 2022
परीक्षा तारीख – 10 अप्रैल 2022

यूपीएससी 2022 (UPSC 2022) के जरूरी नोटिफिकेशन और एग्जाम

यूपीएससी सिविल सर्विसेज और इंडियन फॉरेस्ट सर्विस प्रीलिम्स का नोटिफिकेशन 02 फरवरी 2022 को जारी किया जाएगा, जबकि आवेदन की आखिरी तारीख 22 फरवरी 2022 तक होगी। दोनों परीक्षाएं 05 सितंबर 2022 को आयोजित की जाएगी। वहीं यूपीएससी जीईओ साइंटिस्ट मेन 25 जून से, इंजीनियरिंग सर्विसेज मेन एग्जाम 26 जून, कंबाइंड मेडिकल सर्विसेज (UPSC CMS 2022) एग्जाम 17 जुलाई, सीएपीएफ (CAPF’s) 07 अगस्त आदि एग्जाम साल 2022 में आयोजित किए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए यूपीएससी नोटिफिकेशन (upsc notification) को ध्यान से पढ़ें।

भिंड में सिंध नदी पर बना तीसरा पुल धराशायी, चार साल पहले 2400 करोड़ की लागत से हुआ था तैयार

मध्य प्रदेश के भिंड में सिंध नदी पर बना एक और पुल शुक्रवार को धराशायी हो गया। इसका पता तब चला जब पुल से सिंध नदी का पानी नीचे उतरा। यह पुल जखमोली गांव के पास बना हुआ था। इससे पहले भी बाढ़ के प्रकोप से सिंध नदी पर बने दो पुल पिछले दो दिन में बह गए थे। रतनगढ़ माता मंदिर के नीचे बना पुल बुधवार को बहा था। इसके 24 घंटों के अंदर ही सनकुआ में बना पुल भी पानी में बह गया था।

सिंध नदी में जलस्तर बढ़ने की वजह से इस पर बने पुल समेत नदी के किनारे बसे गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। शुक्रवार को जब नदी का जलस्तर कम होना शुरू हुआ तो सिंध पर बना एक और पुल धराशायी नजर आया।

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में आई बाढ़ में कई जगहों पर पुल टूट गए हैं। इसके कारण कई इलाकों का संपर्क आसपास के इलाकों से टूट गया है। श्योपुर, शिवपुरी, मुरैना, ग्वालियर और गुना बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल हैं।

पुल का निर्माण साल 2017 में 2410 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। 455 मीटर लंबे इस पुल का बीच का हिस्सा पानी की वजह से बह गया है। शुक्रवार को जब जखमोली गांव के लोग पुल की तरफ पहुंचे तो उसे टूटा हुआ देखा। इस पुल के सहारे जखमोली गांव के लोग मछंड के लिए जाया करते थे। पुल टूटने की जानकारी प्रशासन को दी गई है।

बारिश का कहर जारी, बाढ़ से 1171 गांव प्रभावित, हजारों लोग फंसे, सीएम बोले- हमें आपकी चिंता, आत्मविश्वास रखें

भोपाल – मध्य प्रदेश में भारी बारिश (Heavy Rain) और बाढ़ (Flood) की वजह से ग्वालियर-चंबल संभाग के शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, ग्वालियर और भिंड के अलावा रीवा जिले में लगभग 1171 गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमें से कुल 200 गांव बाढ़ के पानी से अब भी घिरे हुए हैं. इस बारे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमों ने बाढ़ में फंसे करीब 1600 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है. यही नहीं, सीएम शिवराज हालात पर नजर बनाए हुए हैं. जबकि बाढ़ प्रभावित जिलों के अधिकारियों से लेकर एनडीआरएफ, सेना से संपर्क बनाकर पल पल की जानकारी लेते रहे. वहीं, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और बचाव कार्य की जानकारी दी.

इसके अलावा सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि सेना बुला ली गई है. वायुसेना के पांच हेलीकॉप्टरों ने ग्वालियर से सुबह उड़ान भरी थी, लेकिन खराब मौसम होने के कारण बचाव के लिए उतर नहीं सके.

सीएम ने की ये अपील

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मध्‍य प्रदेश के प्रभावित गांवों के लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि हम आपकी चिंता कर रहे हैं. राहत शिविर और भोजन की व्यवस्था करने के निर्देश दे दिये गये हैं. अफवाहों पर ध्यान न दें. सभी बांध सुरक्षित हैं, आत्म-विश्वास रखें. सरकार हर संभव प्रयास कर रही है.

शिवपुरी और श्योपुर में हालात खराब

सीएम के मुताबिक, मौसम में सुधार होते ही हेलीकॉप्टर फिर राहत और बचाव के काम के लिए रवाना होंगे. चौहान ने कहा कि विशेष रूप से शिवपुरी और श्योपुर में 22 गांव घिरे हैं. कल 11 लोगों को वायुसेना ने निकाला था. एसडीआरएफ की 70 टीमें और एनडीआरएफ की तीन टीमें बचाव अभियान में लगी हैं. केंद्र शासन से और टीमें भेजने का अनुरोध किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण विकट स्थिति बनी है. शिवपुरी और श्योपुर में दो दिन में 800 मिलीमीटर वर्षा हुई, फलस्वरूप बाढ़ की स्थिति बनी है. उन्होंने कहा कि शिवपुरी के बीछी गांव में तीन लोग पेड़ पर अटके थे, जिन्हें सुरक्षित निकाला गया हैं. दूर-दूर तक गांव खाली हैं. एक पुजारी मंदिर की छत पर घिरे हैं. उनकी चिंता कर रहे हैं. भोजन और राहत के प्रबंध कर रहे हैं. ढांढस बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं.

सीएम और मंत्रियों की प्रभावित इलाकों पर नजर

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं और हमारे मंत्री लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. वायुसेना के अधिकारी से चर्चा हुई है. प्रभावित जिलों शिवपुरी, दतिया, ग्वालियर, अशोकनगर के कलेक्टर संपर्क में हैं. इसके अलावा चौहान ने कहा कि मड़ीखेड़ा बांध में पानी अधिक होने के कारण पानी छोड़ा गया था. बांध से पहले 12,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन अब 10,500 क्यूसेक कर दिया गया है. बांध से पानी छोड़ने से प्रभावित होने वाले गांवों के लोगों को सतर्क कर दिया गया है. चौहान ने कहा कि प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. जबकि मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया और शिवपुरी के प्रभारी मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया शिवपुरी कंट्रोल रूम से राहत और बचाव कार्यों का समन्वय कर रहे हैं.

सीएम ने पीएम को दी जानकारी

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदेश में बनी अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया. उन्होंने फोन पर प्रधानमंत्री को जानकारी दी कि प्रदेश के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हो रही निरंतर वर्षा के कारण विकट स्थिति बनी हुई है. चौहान ने पीएम मोदी को प्रदेश में चल रहे बचाव अभियान के संबंध में जानकारी दी तथा बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में सेना की मदद के लिए भी चर्चा की. उनके मुताबिक प्रधानमंत्री ने केन्द्र की ओर से प्रदेश को हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया है. चौहान ने कहा कि जल्द ही प्रदेश के बाढ़ ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करवाया जाएगा.

GST: कई कंपनियां बना कर कर रहा था जीएसटी की चोरी हुआ गिरफ्तार, जानें क्या है मामला :

खरीद फरोख्त के बिना ही जारी कर रहा था बिल

जीएसटी विभाग (GST Department) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक जीएसटी आसूचना महानिदेशालय (Directorate General of Goods and Services Tax Intelligence) के चंडीगढ़ रेंज के अधिकारियों ने इस मामले का खुलासा किया। अधिकारियों ने जांच में पाया कि आरोपी कथित तौर पर सामान की खरीद-फरोख्त के बिना ही बिल जारी कर रहा था। इस तरह अवैध तरीके से दिल्ली एवं चंडीगढ़ सहित कई जगहों पर विभिन्न इकाइयों को आईटीसी (ITC) का दावा करने में मदद कर रहा था। आईटीसी के तहत इकाइयों को करोबार या उत्पादन की श्रृखंला में सामग्री या संसाधनों पर पहले चुकाए जा चुके कर के समायोजन/वापसी का लाभ मिलता है।

बनाई थी छह कंपनियां

डीजीजीआई की चंडीगढ़ जोनल इकाई के अधिकारी ने कहा कि आरोपी ने कई लाभार्थियों को फर्जी आईटीसी हस्तांतरित करने के लिए छह कंपनियां स्थापित की थीं। उन्होंने बताया कि आरोपी ने फर्जी तरीके से 128 करोड़ रुपये की आईटीसी हस्तांतरित किए। अधिकारी ने बताया कि जीएसटी अधिकारियों ने आरोपी के दिल्ली और हिमाचल प्रदेश स्थित व्यावसायिक परिसरों और घरों पर भी छापेमारी की। उन्होंने बताया कि कुछ आपूर्तिकर्ताओं के परिसरों पर भी छापे मारे गए।

जिन वस्तुओं की बिक्री की, उसे कभी खरीदा ही नहीं

जांच में यह भी पता चला कि उन कारोबारियों की ओर से जिन वस्तुओं को बिक्री के रूप में दिखाया गया था, उन्हें कभी खरीदा नहीं गया था। इसी तरह, कुछ चीजें जिन्हें खरीद के रूप में दिखाया गया था, उन्हें विक्रेता कंपनियों द्वारा कभी बेची ही नहीं गया था। साथ ही जिन वाहनों को माल के परिवहन के साधनों के तौर पर दिखाया गया था, वे देश के दूसरे हिस्सों में चल रहे थे। आरोपी रेडीमेड कपड़े, केमिकल्स, सिगरेट समेत अन्य चीजों का कारोबार करता है।

अफगानिस्तान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए सरकार ने जारी की एडवाइजरी, सावधानी बरतने की दी सलाह :

नई दिल्ली –  अफगानिस्तान में सुरक्षा की ‘खतरनाक’ स्थिति के मद्देनजर भारत ने शनिवार को अफगानिस्तान (Afghanistan) में अपने नागरिकों को अत्यधिक सतर्कता और सावधानी बरतने को कहा और साथ में आगह किया कि भारतीयों को ‘अगवा किए जाने का गंभीर खतरा’ है. एक नए परामर्श में, भारतीय दूतावास (Indian Embassy) ने कहा कि अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकवादी समूहों ने नागरिकों को निशाना बनाने सहित हिंसक गतिविधियों (Violent Activities) को बढ़ा दिया है और भारतीयों को मुख्य शहरों से बाहर यात्रा नहीं करनी चाहिए. उसमें कहा गया है कि नए परामर्श 29 जून को जारी परामर्श में कही गई बातों को दोहराता है जो सभी के लिए मान्य हैं.

दूतावास ने अफगानिस्तान की यात्रा पर जाने वाले भारतीय मीडिया कर्मियों को जोखिम के बेहतर आकलन के लिए उसके साथ संपर्क स्थापित करने की सलाह दी है और इसके लिए ‘हालिया दुखद घटनाओं’ का हवाला दिया है. इसका संदर्भ 16 जुलाई को कंधार में भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी की हत्या से है.

उसने कहा, “’अफगानिस्तान के कई प्रांतों में सुरक्षा की स्थिति खतरनाक बनी हुई है. अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकवादी समूहों ने नागरिकों को निशाना बनाने सहित हिंसक गतिविधियों को बढ़ा दिया है. भारतीय नागरिक अपवाद नहीं हैं और उन्हें अगवा किए जाने का गंभीर खतरा भी है.”

31 अगस्त तक लौट जाएंगे अमेरिकी सैनिक

अमेरिका और उसके सहयोगी नाटो के सैनिक अफगानिस्तान से जा रहे हैं जिसके बाद देश में आतंकी गतिविधियों में वृद्धि हुई है. इस बीच भारत का नया परामर्श आया है. अमेरिका की योजना अफगानिस्तान से 31 अगस्त तक अपने सभी सैनिकों को वापस बुलाने की है और इस तरह से देश में उसकी करीब दो दशक की सैन्य मौजूदगी खत्म हो जाएगी.

परामर्श में दूतावास ने अफगानिस्तान में आने, रहने और काम करने वाले सभी भारतीयों को अपनी सुरक्षा के संबंध में ‘अत्यंत सतर्कता और सावधानी’ बरतने के लिए कहा और खासकर किसी भी गैर-जरूरी यात्रा नहीं करने की अपील की है. दूतावास ने भारतीयों से भीड़-भाड़ वाले बाजारों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मंडियों, रेस्तरां और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचने के लिए भी कहा है .

उसने कहा, “आवाजाही से बचा जाए, खासकर, व्यस्ततम घंटों के दौरान. सड़कों पर चलते समय संभावित लक्ष्यों से दूरी बनाए रखें जैसे सैन्य काफिले, मंत्रालयों/सरकारी कार्यालयों की गाड़ियों, उच्च पदस्थ अधिकारियों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के वाहन से.”

आवागमन को राज रखने की सलाह

दूतावास ने कहा कि सभी जरूरी आवागमन को यथासंभव राज़ रखा जाए. उसने कहा कि मुख्य शहरों के बाहर यात्रा करने से सख्ती से बचा जाए. साथ में अफगानिस्तान आने वाले सभी भारतीयों से अपना पंजीकरण दूतावास या महावाणिज्य दूतावास में कराने को भी कहा गया है. दूतावास ने अफगानिस्तान में कार्यरत भारतीय कंपनियों को परियोजना स्थलों पर तैनात भारतीय कर्मचारियों के संबंध में एक बार फिर विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने की सलाह दी.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत एक शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और समृद्ध भविष्य की आकांक्षाओं को साकार करने में सरकार और अफगानिस्तान के लोगों का समर्थन करता है जो सभी वर्गों के हितों की रक्षा करे. भारत अफगानिस्तान की शांति और स्थिरता में एक प्रमुख हितधारक रहा है. भारत पहले ही देश में सहायता और पुनर्निर्माण गतिविधियों में लगभग तीन अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश कर चुका है.

अहमदाबाद में फैक्टरी में सिलेंडर फटा, गुना के 7 मजदूरों की मौत; CM शिवराज ने किया मुआवजे का ऐलान :

गुना – गुना (Guna) जिले के 7 मजदूरों की गुजरात के अहमदाबाद में एक फैक्ट्री में हुए सिलेंडर ब्लास्ट (blast) में मौत हो गयी. सभी एक ही परिवार के थे और मजदूरी के लिए अहमदाबाद गए थे. 4 लोगों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है, बाकी के शव आने का इंतजार किया जा रहा है. ये हादसा फैक्ट्री के अंदर घरेलू सिलेंडर फटने से हुआ. सभी मजदूर वहीं अंदर सो रहे थे.

मधुसूदनगढ़ तहसील के ग्राम बेरवास गांव के ये करीब 15 लोग अभी हाल ही में 25 जून को मजदूरी के लिए अहमदाबाद गए थे. ये सभी एक ही परिवार के थे. वहां काजू की एक फैक्ट्री में इन्हें काम मिला. आज फैक्ट्री में एक सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया जिसकी चपेट में ये सभी लोग आ गए. कुल 7 लोगों की इसमें मौके पर ही मौत हो गयी जबकि बाकी लोग बुरी तरह झुलस गए. मृतकों में से 4 लोगों के शव गांव पहुंच गए और उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. बाकी बचे तीन शवों के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है.

अगर मजदूरी यहां मिलती तो वहां क्यों जाते

इस हादसे में बुरी तरह झुलसी एक पीड़ित महिला ने कहा अगर हमें यहां रोजगार मिल जाता तो हम अपना घर छोड़कर वहां क्यों जाते. उसने बताया कि सभी लोग सो रहे थे उसी दौरान एकदम से ब्लास्ट हुआ. कुछ लोगों ने मुझे तो बाहर निकालकर बचा लिया लेकिन परिवार के बाकी सदस्यों की मौत हो गयी. हादसे में झुलसे चार लोगों को अहमदाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

राघौगढ़ विधायक ने जताया शोक

अहमदाबाद में हुए इस हादसे पर राघौगढ़ से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने गहरा दुख जताया है. उन्होंने ट्वीट करके लिखा हम शासन से हर संभव मदद की मांग करते हैं और व्यक्तिगत रूप से भी मैं इन पीड़ितों की मदद करूंगा. जयवर्धन सिंह ने घटना को दुखद बताया.

मुख्यमंत्री शिवराज ने घटना पर गहरा दुख जताया

सीएम शिवराज ने इस हादसे पर शोक और पीड़ित परिवार के प्रति सांत्वना जताई है. घटना में मृतकों के परिवार वालों को 4-4 लाख की सहायता और मृतक बच्चों के परिवार वालों को भी 2-2 लाख की सहायता देने की घोषणा की है.

चीन को एक लाख करोड़ का झटका देंगे भारतीय कारोबारी! चीनी उत्‍पादों का बहिष्‍कार अभियान शुरू :

नई दिल्‍ली – भारतीय कोराबारियों की ओर से पिछले साल शुरू किए गए चीनी उत्‍पादों के बहिष्‍कार अभियान का दूसरा चरण आज से फिर शुरू किया जा रहा है. कन्फेडरशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने आज देशभर में ‘भारतीय सामान-हमारा अभिमान’ नारे के साथ चीनी वस्तुओं के बहिष्कार (Boycott Chinese Products) का अभियान शुरू किया है. जिसमें दिसंबर 2021 तक चीन में निर्मित वस्तुओं के भारत में आयात को एक लाख करोड़ रुपये कम करने का लक्ष्य तय किया गया है.

जुलाई के अंत में भारत आएंगे US के विदेश मंत्री, पीएम मोदी से कर सकते हैं मुलाकात

कैट का कहना है कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के लोकल फॉर वोकल और आत्मनिर्भर भारत के आह्वान को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. कैट के महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि इस चरण में एफएमसीजी उत्पाद, रोज़मर्रा की वस्तुएं, किराना, फुटवियर, खिलौने, रसोई उपकरण, क्रॉकरी, गिफ़्ट आइटम, फ़र्निशिंग फैब्रिक जैसी आम वस्तुएं जो अभी तक चीन से आयात होती हैं, इनके पूर्ण बहिष्‍कार की योजना बनाई है.

भारतीय उत्‍पाद बेचने और खरीदने की करेंगे अपील

खंडेलवाल ने कहा कि चीन से आयात होने वाली ये वस्‍तुएं भारत में भी लंबे समय से पैदा की जा रही हैं. ऐसे में भारतीय कारोबारियों और खरीदारों से यह अनुरोध किया जाएगा कि चीनी वस्तुओं के बजाय भारतीय उत्पाद ही बेचें और खरीदें. वहीं, बीसी भरतिया ने कहा कि चीन से भारत में मौटे तौर पर चार प्रकार की वस्तुएं आयात होती हैं, जिनमें तैयार माल यानी फिनिश्ड गुड्स, कच्चा माल अर्थात रॉ मैटेरियल, स्पेयर पार्ट्स और तकनीकी उत्पाद शामिल हैं.

20 साल में 3500 फीसदी बढ़ा चीन से आयात

2001 चीनी वस्तुओं का भारत में आयात केवल 2 बिलियन डॉलर था जो अब वर्तमान में बढ़कर 70 बिलियन डॉलर हो गया है जिसका मतलब यह है कि केवल 20 साल में चीन से आयात में 3500 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. यह साफ दर्शाता है कि एक सोची समझी रणनीति के तहत चीन भारत के रिटेल बाजार पर कब्ज़ा जमाने की कोशिश में लगा हुआ है जिसको भारत के व्यापारी और नागरिक किसी भी सूरत में सफल नहीं होने देंगे.

चीन को पछाड़कर भारतीय लघु उद्योगों को बढ़ाएंगे

भरतिया और खंडेलवाल ने कहा कि पिछले दस साल में भारत के व्यापार और उद्योगों ने  चीनी वस्तुओं के भारत में बढ़ते दखल को नजरअंदाज किया और इन वस्तुओं का कोई विकल्प तैयार करने की कोशिश नहीं की. इसके साथ ही सरकारें भी इस मामले में विफल रहीं और भारत के व्यापार पर कब्ज़ा जमाने के चीन के इरादों को समझ नहीं पाईं. जिसके चलते देश में विकल्पों को लेकर कोई नीति नहीं बनाई गई. अब इस मुद्दे को समझा है और सरकार से चीनी उत्पादों के मजबूत विकल्प के रूप में भारतीय सामानों को पर्याप्‍त मात्रा में बनाये जाने के मुद्दों को लेकर बात शुरू की जाएगी साथ ही एक रणनीति के तहत भारत के लघु उद्योगों को इस मामले में आवश्यक रूप से समृद्ध करने की पहल की जाएगी.

इस अभियान में जुड़ेंगे आठ करोड़ व्‍यापारी

शुरू किए गए अभियान में देश भर में 40 हजार से ज्यादा व्यापारी संगठन और उनसे जुड़े 8 करोड़ व्यापारी भाग लेंगे. इस अभियान के तहत व्यापारियों एवं ग्राहकों के बीच एक व्यापक जन जागरण अभियान चलाया जाएगा. देश के 138 करोड़ लोगों का पहला संपर्क देश भर में किसी भी व्यापारी की दुकान से होता है ऐसे में व्यापारी भी अपनी दुकान पर आने वाले ग्राहकों को चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का सन्देश देंगे.

कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए मीडिया आउटलेट का यूज कर रहा था ISIS का आका :

नई दिल्ली –  जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित आतंकवादी समूह आईएसआईएस (ISIS) की मौजूदगी के सुबूत मिले हैं. इस्लामिक स्टेट जम्मू और कश्मीर के प्रमुख उमर निसार भट उर्फ कासिम खोरासानी को सोमवार को गिरफ्तार किया गया है. सीएनएन न्यूज18 को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, कासिम खोरसानी एक मैसेजिंग ऐप ग्राउंड सोलाइडर्स और मीडिया आउटलेट स्वात अल-हिंद (वॉयस ऑफ हिंद) के जरिए कट्टरपंथियों की भर्ती करता था.

खोरासानी जम्मू कश्मीर के अनंतनाग के अचबल में 2016 से एक्टिव था और भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए जम्मू-कश्मीर में रसद की आपूर्ति, हथियार और विस्फोटक की खरीद और आईएसआईएस के कैडरों की भर्ती करता था. खोरासानी ने सेना और पुलिस के अधिकारियों के सामने कबूल किया है कि स्वात अल-हिंद पत्रिका पाकिस्तान में नियमित रूप से जारी की जाती थी और वह सोशल मीडिया पर पाकिस्तान स्थित टीमों के संपर्क में था. पत्रिका को पहली बार फरवरी 2020 में इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) संचालकों के मार्गदर्शन में लॉन्च किया गया था. पत्रिका के अब तक 17 अंक प्रकाशित हो चुके हैं.

जम्मू-कश्मीर : डोडा में आतंकी ठिकाना ध्वस्त, भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद :

खुरासानी ने टेलीग्राम से बातचीत में कहा, “हमें आईएसआईएस योद्धाओं को दो में विभाजित करना है: एक जमीन है और दूसरा मीडिया है. कई बार हमारे लड़ाके दुश्मनों द्वारा मारे जाते हैं. हमारे योद्धाओं में से एक को जमीन संभालनी चाहिए और एक को बंदूक.” अधिकारियों के मुताबिक, उसने भारत और विदेशों से आईएसआईएस समर्थकों को भी फाइनेंस किया है.

टेलीग्राम के साथ एक अन्य बातचीत में, वह भारतीय अधिकारियों द्वारा पकड़े नहीं जाने के लिए “एसओपी का पालन करें” (मानक संचालन प्रक्रिया) के लिए रंगरूटों को आगाह कर रहा है. एनआइए के प्रवक्ता ने बताया कि देश-विदेश में सक्रिय आइएस का कैडर फर्जी नामों से भारत के खिलाफ आनलाइन दुष्प्रचार अभियान चला रहा है.

वायस ऑफ हिंद मैग्जीन से जम्मू कश्मीर समेत देश के कई हिस्सों में बैठे राष्ट्रविरोधी और जिहादी तत्व जुड़े हुए हैं. सूत्रों ने बताया कि एनआइए बीते दो दिनों के दौरान कथित तौर पर एक महिला समेत नौ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले चुकी है. अलबत्ता, एनआईए के प्रवक्ता ने इस मामले में अभी तक सिर्फ तीन लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है.

खुशखबरी! उम्र की पाबंदी खत्म, अब कभी भी ले सकते हैं कॉलेज में एडमिशन

आपकी उम्र ज्यादा हो चुकी है, लेकिन आप अपनी उच्च शिक्षा पूरी करना चाहते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। अब आप किसी भी उम्र में कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में दाखिला लेकर हायर एजुकेशन (Higher Education) का सपना पूरा कर सकते हैं। मध्यप्रदेश सरकार (MP Government) ने यूनिवर्सिटी-कॉलेज एडमिशन के लिए उम्र की पाबंदी खत्म कर दी है। मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में दिशानिर्देश जारी कर दिये हैं।

एमपी हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने 2021 के लिए कॉलेज एडमिशन गाइडलाइन (MP College admission guidelines 2021) जारी की है। इसमें मध्यप्रदेश के सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी कॉलेजों के अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्ट ग्रेजुएट (PG) एडमिशन के लिए नये नियम बताये गये हैं।

विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, मौजूदा सत्र यानी 2021-22 से कॉलेज एडमिशन के लिए अधिकतम उम्र सीमा की बाध्यता खत्म कर दी गई है। यानी अब राज्य के कॉलेजों में यूजी-पीजी एडमिशन (रेगुलर) के लिए कोई अधिकतम उम्र सीमा नहीं होगी। आप कभी भी, किसी भी उम्र में एडमिशन ले सकते हैं। पहले यहां यूजी (ग्रेजुएशन) एडमिशन के लिए अधिकतम उम्र 21 साल और पीजी के लिए अधिकतम 28 साल थी।

पीजी सभी कोर्सेज़ के लिए एडमिशन की प्रक्रिया 01 अगस्त 2021 से शुरू हो रही है। आपको इसमें शामिल होने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। एक उम्मीदवार अधिकतम 7 कॉलेजों का विकल्प चुन सकता है |

मध्यप्रदेश पीजी एडमिशन 2021 (MP PG admission 2021)

अगर आप पीजी कोर्स के लिए अप्लाई कर रहे हैं, लेकिन आपका ग्रेजुएशन का फाइनल रिजल्ट अभी नहीं आया है, तो भी आप रजिस्टर कर सकते हैं। लेकिन आपको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करते समय अपने ग्रेजुएशन के फर्स्ट और सेकंड ईयर के मार्क्स का औसत भरना होगा। अगर आपने सेमेस्टर सिस्टम से पढ़ाई की है, तो पहले से 5वें सेमेस्टर तक के कुल मार्क्स का प्रतिशत भरना होगा।