साल 2027 में भारत को मिल सकती है पहली महिला CJI, SC कोलेजियम ने भेजी 9 नामों की सिफारिश

नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम (Supreme Court Colllegium) ने 22 महीने बाद 9 नई नियुक्तियों की सिफारिश भेजी है. मिली जानकारी के अनुसार चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमण (CJI NV Ramana) ने मंगलवार को सरकार के पास यह नाम भेजे हैं. 9 नामों में से तीन नाम महिला न्यायाधीशों के हैं. तीन महिला न्यायाधीशों में से एक आने वाले समय में भारत की पहली महिला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया भी बन सकती हैं. कॉलेजियम ने पहली बार तीन महिला न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की है. इसमें कर्नाटक हाईकोर्ट की जज जस्टिस बी वी नागरत्ना, तेलंगाना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस हिमा कोहली और गुजरात हाईकोर्ट की जज जस्टिस बेला त्रिवेदी के नाम सरकार को भेजे गए हैं. इसमें जज जस्टिस नागरत्ना भारत की पहली महिला सीजेआई बन सकती हैं. नागरत्ना साल 2027 में सीजेआई बन सकती हैं.

सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल एक महिला जज जस्टिस इंदिरा बनर्जी हैं. वह सितंबर 2022 में सेवानिवृत्त होने वाली हैं. सर्वोच्च न्यायालय में अब तक केवल आठ महिला न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई है. जज जस्टिस रोहिंटन नरीमन के सुप्रीम कोर्ट से रिटायर होने के कुछ ही दिनों बाद यह सिफारिशें की गई हैं. जज जस्टिस नरीमन साल 2019 से कॉलेजियम के सदस्य थे. अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्स्प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार नरीमन, कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अभय ओका और त्रिपुरा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अकील कुरैशी की सिफारिश पहले करने की बात कर रहे थे. वह अपने रुख पर अड़े हुए थे, जिसके चलते कोलेजियम से नाम भेजे नहीं जा रहे थे.

कोलेजियम ने की इन नामों की सिफारिश

रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ओका के साथ ही गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विक्रम नाथ और सिक्किम हाईकोर्ट के जस्टिस जे के माहेश्वरी के भी नामों की सिफारिश की गई है. वहीं बार से कोलेजियम ने पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पीएस नरसिम्हा का नाम दिया है.  वहीं हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार केरल हाईकोर्ट के जज जस्टिस सीटी रविकुमार, जज जस्टिस एमएम सुंदरेश के नाम की सिफारिश भी की गई है.

अगर सरकार इन सिफारिशों को स्वीकार करती है तो सुप्रीम कोर्ट में सभी मौजूदा खाली पद भर जाएंगे और न्यायाधीशों की संख्या 33 हो जाएगी. हाालंकि बुधवार को ही जज जस्टिस नवीन सिन्हा रिटायर होने वाले हैं. कोलेजियम में सीजेआई रमण के अलावा जज जस्टिस यू यू ललित, जज जस्टिस ए एम खानविलकर, जज जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जज जस्टिस एल नागेश्वर राव शामिल हैं.

Ujjain : महाकाल की नगरी में रेड सेंडबुआ सांप की तस्करी, कीमत सुनकर सिर चकरा जाएगा

उज्जैन – महाकाल (Mahakal) की नगरी में तीन रेड सेंडबुआ सांप ज़ब्त किए गए. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत ढाई करोड़ रुपये आंकी गयी है. इन सापों का इस्तेमाल तांत्रिक क्रियाओं और यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवा बनाने में किया जाता है इसलिए इनकी डिमांड बहुत है. चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है.

उज्जैन एसटीएफ को एक मुखबिर ने सूचना दी थी. इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 3 दो मुँहे रेड सेंटबोआ सांपों को जब्त कर चार आरोपी को गिरफ्तार किया है. जब्त किये गए सांप की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ढाई करोड़ से अधिक बताई गयी है.

ग्राहक की तलाश में थे तस्कर

एसटीएफ पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी ने बताया कि मुखबिर से सूचना के आधार पर एक स्विफ्ट कार की घेरा बंदी की गयी थी. तलाशी ली गयी तो उसमें से तीन सेंडबोआ सांप को जब्त किया गया. ये सांप दो मुंह के हैं और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत करोड़ों में होती है. इसीलिए इन साँपो की डिमांड अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अधिक होती है. तिवारी ने बताया की स्विफ्ट कार क्रमांक एमपी 47 जीए 0393 पर सवार होकर चार लोग नरवर के पास पुराने टोल नाके पर खड़े होकर तस्करी के लिए ग्राहक तलाश रहे थे. उसी दौरान एसटीएफ ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया. आरोपियों के नाम इमरान उम्र 35 वर्ष , रमजान उम्र 32 वर्ष, सुभान उम्र 30 वर्ष सभी हरदा के रहने वाले हैं और रामदीन 30 वर्ष उज्जैन हैं. आरोपियों पर वन्य जीव अधिनियम की धारा में मामला दर्ज कर लिया गया है. जिस कार में ये सांप बेचने के लिए लाये थे उस कार को भी जब्त कर लिया गया है.

तंत्र-मंत्र में उपयोग

एसटीएफ की अधिकारी का कहना है तीनों सांपों की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ढाई करोड़ रुपये है. ये सांप कामुक दवाओं के निर्माण और अन्य मेडिसिन सहित काला जादू में इस्तेमाल किये जाते हैं. इन्हें घर में रखना शुभ माना जाता है. कई लोग इसका उपयोग तांत्रिक क्रियाओ में भी करते हैं. इससे पहले भी उज्जैन में उल्लू और सांप जब्त किए गए थे.

पेट्रोल-डीजल फिलहाल नहीं होंगे सस्‍ते, FM निर्मला सीतारमण ने बताई कीमतों में कटौती नहीं करने की वजह, जानें सबकुछ

नई दिल्‍ली – पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों (Petrol-Diesel Prices Hike) से आम आदमी बुरी तरह से परेशान है. यही नहीं, डीजल की कीमतें बढ़ने के कारण ट्रांसपोर्टेशन की लागत में बढ़ोतरी से रोजमर्रा के इस्‍तेमाल की चीजों के दाम भी बढ़ (Inflation) गए हैं. ऐसे में लगातार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती करने की मांग की जा रही है. इस बीच, वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) ने आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती नहीं किए जाने की वजह बताई. उन्‍होंने कहा कि ईंधन की आसमान छूती कीमतों के लिए पूर्व की कांग्रेसनीत संप्रग सरकार (UPA Government) जिम्‍मेदार है.

‘यूपीए सरकार ने जारी किए 1.44 लाख करोड़ के ऑयल बॉन्‍ड्स’

वित्‍त मंत्री सीतारमण ने कहा कि यूपीए सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम (Reduced Fuel Prices) करने के लिए 1.44 लाख करोड़ रुपये के ऑयल बॉन्‍ड्स (Oil Bonds) जारी किए. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार यूपीए सरकार के इस्‍तेमाल किए गए गलत तरीके का इस्‍तेमाल कर ईंधन की कीमतों में कटौती नहीं कर सकती है. केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने कहा कि यूपीए सरकार की ओर से जारी किए गए ऑयल बॉन्‍ड्स का बोझ (Burden of Oil Bonds) मोदी सरकार के ऊपर आ गया है. इसलिए हम पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती नहीं कर पा रहे हैं.

‘एक्‍साइज ड्यूटी में नहीं की जाएगी कोई कटौती’

केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि लोग पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित हैं. लोगों का चिंतित होना सही भी है. हालांकि, जब तक केंद्र और राज्य चर्चा नहीं करते हैं, तब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम करने को लेकर कोई समाधान नहीं निकल पाएगा. उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में किसी तरह की कटौती नहीं की जाएगी. उन्‍होंने उत्‍पाद शुल्‍क में कटौती नहीं करने की वजह भी बताई.

‘5 साल में किया 70,195 करोड़ रुपये के ब्‍याज का भुगतान’

वित्‍त मंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने पर यूपीए सरकार की ओर से जारी किए गए ऑयल बॉन्‍ड्स के लिए किए जा रहे ब्याज भुगतान का भारी बोझ है. सरकार ने अभी तक केवल ऑयल बॉन्ड पर बीते पांच साल में 70,195.72 करोड़ रुपये के ब्याज का भुगतान किया है. साल 2026 तक हमें अभी 37 हजार करोड़ रुपये का भुगतान करना है. उन्‍होंने कहा कि ब्याज भुगतान के बाद भी 1.30 लाख करोड़ से अधिक का मूलधन बकाया है. अगर हम पर ऑयल बॉन्ड्स का भार नहीं होता तो हम ईंधन पर उत्पाद शुल्क कम करने की स्थिति में होते.

Ministry of Railways – IRCTC ने लांच किया हजार रुपए रोज में गोवा के लिए शानदार टूर पैकेज, जानें

नई दिल्‍ली – इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्‍म कॉरपोरेशन (Indian Railway Catering and Tourism Corporation) ने गोवा (Goa) के लिए शानदार टूर पैकेज (Tour Packages) लांच किया है. करीब हजार रुपए रोज में पर्यटक (Tourist) गोवा का आनंद उठा सकते हैं. आईआरसीटीसी (IRCTC) पहली बार नार्थ ईस्‍ट के त्रिपुरा से टूर शुरू करने जा रहा है. यानी नार्थ ईस्‍ट के लोग इस पैकेज से एंज्‍वाय कर सकते हैं. यह सफर अगरतला से शुरू होगा.

भारतीय रेलवे (indian railways) की पीएसयू आईआरसीटीसी (IRCTC) ने नार्थ-ईस्‍ट के लोगों के खास टूर पैकेज लांच किया है. यह टूर 11 रात और 12 दिन का होगा. दो श्रेणी का पैकेज होगा. पहला स्‍लीपर और दूसरा एसी क्‍लास. स्‍लीपर क्‍लास का 11340 रुपए कुल किराया होगा. इस तरह 12 दिन के टूर के हिसाब से करीब हजार रुपए रोज औसतन किराया होगा. इसमें ट्रेन के किराए के अलावा,  ब्रेकफास्‍ट, लांच, डिनर और लोकल ट्रांसपोर्ट, रुकने के लिए  होटल आदि सभी कुछ शामिल है.

वहीं, एसी क्‍लास का किराया 18900 रुपए होगा. इसमें भी ब्रेकफास्‍ट, लंच, डिनर के अलावा रुकना और लोकल ट्रांसपोर्ट, गाइड आदि शामिल है. यानी स्‍लीपर का हजार रुपए रोज और एसी का 1500 रुपए प्रतिदिन का किराया होगा. इसमें से चार दिन गोवा में रुकना होगा. इस दौरान नार्थ और साउथ गोवा के आलावा ऐतिहासिक चर्च और बीच में घूमना होगा.

आईआरसीटीसी (IRCTC) टूरिस्‍ट की सुविधा के लिए कई स्‍थानों से बोर्डिंग की व्‍यवस्‍था की है. ट्रेन त्रिपुरा के अगरतला से सफर शुरू करेगी. पर्यटक यहां से सवार हो सकते हैं, इसके अलावा बदरपुर जं., गुवाहाटी,न्‍यू  बोंगाईगांव,न्‍यू अलीपुरद्वार,न्‍यूज कूच बिहार, न्‍यूज जलपाई गुड़ी, मालदा टाउन आदि शहरों से भी पर्यटक बोर्डिंग कर सकते हैं.

Ujjain : सावन के आखिरी सोमवार पर शाही ठाठ बाट से नगर भ्रमण पर निकले महाकाल

उज्‍जैन – बाबा महाकाल (Baba Mahakal) की सावन माह की आखिरी सवारी ठाठ बाट से निकली. बाबा महाकालेश्‍वर पालकी में मनमहेश और हांथी पर चंद्रमौलेश्वर के स्‍वरूप में भक्तों को दर्शन देने नगर भ्रमण पर शाही ठाठ बाट के साथ निकले. आज सवारी में भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हुए. क्षिप्रा नदी और पूजन के दौरान आरती में वो मौजूद थे.

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सवारी निकलने से पहले सभा मंडप में सरकारी पुजारी पं.घनश्‍याम शर्मा ने पूजन करवाया. सबसे पहले महाकाल की पूजा और फिर आरती की गयी. कलेक्टर आशीष सिंह, पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र कुमार शुक्ल, मंदिर प्रशासक और एडीएम नरेंद्र सुर्यवंशी अपने परिवार साथ पूजन में शामिल हुए. पूजन के बाद पालकी को कंधा देकर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने आगे बढ़ाया.

भादों में तीन सवारी निकलेंगी

मंदिर के मुख्य द्वार पर बाबा को सरकारी सम्मान गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. कोरोना काल के कारण आम भक्तों को इसमें शामिल होने की छूट नहीं थी. सिर्फ पुलिस और पुजारी पंडे ही इसमें शामिल हुए. लॉ एंड ऑर्डर के लिए पुलिस को चप्पे चप्पे पर तैनात किया गया था. भक्तों ने महाकाल के सुबह 5 से 1 दर्शन किये और फिर शाम 7 से 9 बजे तक मंदिर के द्वार खोले गए. भादौ माह के 3 सोमवार में भी बाबा नगर भ्रमण पर निकलेंगे.

बाबा का ऐसे हुआ स्वागत

सवारी की शुरुआत तोप की आवाज और केसरिया ध्वज लहराते हुए की गई. उसके बाद पुलिस बैण्ड ने धुन बजा कर बाबा का स्वागत किया. मंदिर के मुख्य द्वार से क्षिप्रा तट तक सांस्कृतिक कला कही जाने वाली भव्य रंगोली के वी पंड्या ने बनायी थी. जहां से सवारी निकलनी थी उस पूरे रास्ते पर रेड कारपेट बिछाया गया था और रंगबिरंगे झंडे लगाए गए थे. आतिशबाजी से बाबा का स्वागत किया गया. रास्ते में सजायी गयी रंगोली में कोरोना से बचने का संदेश दिया गया था.रंग गुलाल उड़ाए गए. महाकालेश्वर मन्दिर से सवारी हरसिद्धि मन्दिर के सामने से होकर नृसिंह घाट पर झालरिया मठ होते हुए रामघाट पहुंची. रामघाट पर बाबा का अभिषेक किया गया. आरती के बाद सवारी हरसिद्धि मंदिर पहुंची जहां महाकाल की आरती की गई. उसके बाद सवारी वापिस मंदिर आ गयी और फिर महाकाल मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए.

व्यवस्था की तारीफ-कैलाश विजयवर्गीय ने मंदिर और सवारी मार्ग में की गयी व्यवस्था की तारीफ़ की. उन्होंने कहा परिस्थिति अनुकूल नहीं होने के बाद भी उज्जैन के लोगों ने कोविड के प्रोटोकॉल का पालन किया. 7

आगर : अगले सोमवार को फिर निकलेगी बाबा बैजनाथ की शाही सवारी, भक्तों की शिकायत मंत्री ने दूर की

आगर – आगर मालवा में अब अगले सोमवार यानि भादों के पहले सोमवार को फिर से बाबा बैजनाथ की सवारी निकाली जाएगी. सावन के आखिरी सोमवार को सुबह सुबह आनन फानन में शाही सवारी (Shahi sawari) निकालने का लोगों ने काफी विरोध किया था. कोरोना में भीड़ से बचने के लिए प्रशासन ने सवारी का टाइम बदल दिया था और मंदिर प्रशासन के सिवाय किसी और को इसकी भनक नहीं लगने दी थी.

सावन के आखिरी सोमवार को आगर मालवा में सुबह आनन फानन में बाबा बैजनाथ की शाही सवारी निकालने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. स्थानीय लोगों के भारी आक्रोश के बाद मंत्री हरदीप सिंह डंग ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से बैठक के बाद कहा कि अगले सोमवार को दोबारा बाबा बैजनाथ की शाही सवारी निकाली जाएगी.

सुबह निकली सवारी

परंपरा के अनुसार सावन के हर सोमवार को बाबा बैजनाथ की सवारी दोपहर की आरती के बाद धूमधाम से निकाली जाती थी. लेकिन कोरोना गाइड लाइन को देखते हुए भीड़ से बचने के लिए इस बार प्रशासन ने सुबह ही सवारी निकालने का फैसला किया. इसकी जानकारी सिर्फ मंदिर के स्टाफ और कुछ अधिकारियों तक रही. सूचना गुप्त रखी गयी ताकि भीड़ न इकट्ठी हो पाए.

डंग से शिकायत

बाद में आगर से गुजर रहे मंत्री हरदीप सिंह डंग को भाजपा नेताओं और आक्रोशित लोगों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. उसके बाद उन्होंने रेस्ट हाउस पर जिला कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की और अगले सोमवार को दोबारा शाही सवारी निकालने का फैसला किया.

हर साल दोपहर में आरती के बाद निकलती थी सवारी

इससे पहले प्रतिवर्ष दोपहर 1 बजे से आरती के बाद शाही सवारी की शुरुआत की जाती थी. इसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होते थे. लेकिन इस बार रातोंरात तैयारी कर अचानक सुबह आरती के बाद जिला प्रशासन ने सवारी शुरू कर दी. हालांकि जैसे जैसे भक्तों को जानकारी लगी वे सवारी में नाचते गाते शामिल होते गए. सवारी के दौरान सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा.

इस बार पालकी को ट्रैक्टर में रखा गया

इससे पहले पालकी को हाथों से उठाकर सवारी मार्ग पर बाबा का भ्रमण कराया जाता था, लेकिन इस बार जल्दी के चक्कर में पालकी को ट्रैक्टर में रखा गया और दौड़ते भागते सवारी को निकाला गया. अंतिम समय तक प्रशाशन के अधिकारियों के अलावा किसी को भी सवारी निकाले जाने की जानकारी नहीं थी. इससे लोगों में नाराजगी थी.

पुस्तक विमोचन के दौरान शिवराज बोलेः अश्लीलता बच्चों को बिगाड़ रही; नेता भ्रष्टाचार बंद करें

भोपाल – मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज भोपाल में थे. यहां पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा की पुस्तक ‘आजादी बनाम फांसी अथवा कालापानी’ के विमोचन के दौरान उन्होंने बच्चे, युवा, नेता और मंत्री के साथ ही कर्मचारियों को भी अपना काम ईमानदारी से करने की सीख दी. उन्होंने साथ ही कहा कि मोबाइल ने बच्चों की जनरेशन बिगाड़ने में बड़ा रोल प्ले किया है. 

अश्लीलता से बिगड़ रहे बच्चे

CM शिवराज ने कहा कि मोबाइल एक ऐसा यंत्र बन गया है, जहां सीखने के बजाय बच्चे अब बिगड़ने लगे हैं. यहां बिगड़ने की संभावनाएं ज्यादा हैं, बच्चे मोबाइल में अश्लील वीडियो देखकर भ्रमित हो रहे हैं. इस वक्त बच्चों को साहित्य की जरूरत है, उनके हाथ में किताबों को होना चाहिए, ड्रग्स की पुड़िया को नहीं. युवाओं में अलख जगाने की जरूरत है, नहीं तो देश बर्बादी की ओर अग्रसर होता चला जाएगा. 

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CM ने दी ईमानदारी की सीख

CM शिवराज ने कहा कि सभी को अपने समाज और देश के प्रति ईमानदार रहते हुए जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है. उनका मानना है कि देश के लिए आज जान देने की जरूरत नहीं है, लेकिन सभी को ईमानदारी से काम करने की जरूरत है. 

उनका मानना है, शिक्षक ठीक से पढ़ाएं, डॉक्टर ठीक से इलाज करें, इंजीनियर पुल निर्माण अच्छे से करें, सीमेंट की जगह रेत न मिलाएं. उन्होंने नेताओं के लिए भी कहा कि वे भ्रष्टाचार न करते हुए जनता के लिए कर्मठता से काम करें.

आशीर्वाद यात्रा: बाजीराव पेशवा की समाधि पर जुटेंगे शिवराज-सिंधिया, 29 करोड़ में होगा यह काम

इंदौर – हाल ही में मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हुए नए केंद्रीय मंत्री जनता का आशीर्वाद लेने यात्रा पर निकल रहे हैं. मध्य प्रदेश में भी बीजेपी के तीन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, डॉ. वीरेंद्र खटीक और एसपी सिंह बघेल यात्रा करेंगे. खास बात यह है कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया की यात्रा बाजीराव पेशवा की समाधि पर भी पहुंचेगी, इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल होंगे. 

पेशवा की लगेगी भव्य प्रतिमा 

दरअसल, खरगोन जिले की सनावद तहसील के रावेरखेड़ी में स्थापित विश्व के एकमात्र अपराजित योद्धा श्रीमंत बाजीराव पेशवा के समाधि स्थल पर उनकी  321 वीं जयंती के अवसर पर खरगोन जिले में उनकी 20 फीट ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी. इस कार्यक्रम में सीएम शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल होंगे. इस बात की जानकारी आयोजन समिति के पदाधिकारी लक्ष्मणराव इंगले ने दी है. 

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अमित शाह के संज्ञान में आया था मामला 

कार्यक्रम के पदाधिकारियों ने बताया कि पेशवा के समाधि स्थल पर 18 अगस्त को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 29 करोड़ की लागत से हो रहे विकास कार्यों का भूमि पूजन किया जाएगा. गौरतलब है कि पिछले 20 सालों से उपेक्षित पेशवा बाजीराव समाधि को लेकर यहां के लोग लगातार शासन प्रशासन से गुहार लगा रहे थे. लेकिन केंद्रीय गृहमत्री अमित शाह के संज्ञान में मामला आने के बाद राज्य सरकार द्वारा खरगोन जिले के रावर खेड़ी में 20 फीट अष्ट धातु की प्रतिमा का निर्माण किया जाना है. खास बात यह है कि इस आयोजन में बाजीराव पेशवा के वंशज भी मौजूद रहेंगे. 

सिंधिया-शिवराज होंगे शामिल

 दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया की आशीर्वाद यात्रा 17 अगस्त को देवास से शुरू होगी. उनकी यात्रा 18 अगस्त को खरगोन जिले में पहुंचेगी जहां सिंधिया रावेरखेड़ी में बाजीराव पेशवा के समाधि स्थल पर एक कार्यक्रम आयोजित कार्यक्रम में शामिल उनके साथ सीएम शिवराज भी शामिल होंगे जहां दोनों नेता बाजीराव पेशवा की प्रतिमा का भूमि पूजन करेंगे. 

बताया जा रहा है कि बाजीराव पेशवा की समाधि स्थल को एक पर्यटन केंद्र के रुप में विकसित किया जाएगा.  इसमें इंट्रेंस गेट, टूरिज्म फेसिलिटेशन सेंटर पार्किंग एंड लेंड स्केपिंग, द्वारफवाल, स्टोन बेंचेस, पाथवे आदि सहित 29 करोड़ 90 लाख 83 हजार रुपए की लागत के कई कार्य किए जाएंगे. ताकि लोग इस प्रतिमा के दर्शन करने के साथ पेशव से जुड़े इतिहास को भी जान सके. 

CM शिवराज का बड़ा ऐलान- बेटियों के जन्म पर 2000, कॉलेज एडमिशन पर 20 हजार देगी सरकार

भोपाल – आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बड़ा ऐलान किया है. जिसके तहत अब सरकार प्रदेश में बेटियों के जन्म पर 2000 रुपए की आर्थिक मदद देगी. साथ ही बेटियों के कॉलेज में एडमिशन पर 20 हजार रुपए की मदद भी दी जाएगी. भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर ध्वजारोहण के बाद सीएम शिवराज ने प्रदेशवासियों को संबोधित किया. इसी दौरान मुख्यमंत्री ने उक्त ऐलान किया. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कई और अहम ऐलान किए. जिनमें बताया कि प्रदेश में अब तक 3 करोड़ 75 लाख लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है. 

महिलाओं के लिए एक और अहम घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने पर रजिस्ट्री में स्टाम्प ड्यूटी सिर्फ एक फीसदी ही लगेगी. प्रदेश में 2 हजार किलोमीटर नई सड़क बनाई जाएगी. 1.22 करोड़ लोगों को घर में साफ पानी उपलब्ध कराया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक लाख लोगों को रोजगार दिया जाएगा. साथ ही बिजनेस के लिए कर्ज लेने पर सरकार बैंक गारंटी देगी. 

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प्रदेश में अलग-अलग क्लस्टर बनाकर लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है. साथ ही अनुसूचित जाति की सुरक्षा, सम्मान और शिक्षा की पूरी व्यवस्था की जाएगी. सीएम ने पूर्व की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 27 फीसदी आरक्षण के नाम पर जनता के साथ बीते दिनों धोखा हुआ. सीएम ने प्रदेश में पिछड़े वर्ग के लिए नया कमीशन बनाने का भी ऐलान किया. 

सीएम ने प्रदेश की पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि हमें अपनी पुलिस पर गर्व है. हमारे जवानों ने माफियाओं के दिमाग ठिकाने लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. हम पुलिस को और ताकत देंगे और सशक्त बनाएंगे. कानून व्यवस्था के लिए हमारी पुलिस ने मुस्कान जैसे विशेष अभियान चलाकर 4 हजार बेटियों को बचाया. नक्सलियों के खिलाफ अभियान में भी पुलिस ने शानदार काम किया. 

सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश में 2 हजार मेगावाट बिजली बनाएंगे. सभी सरकारी भवन सौर ऊर्जा से रोशन होंगे. प्रदेश में 1100 करोड़ रुपए किसानों के खाते में डाले गए हैं. 2.50 लाख लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा चुका है. सीएम ने सभी प्रदेशवासियों और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं भी दीं. 

जिला बनने की घोषणा के बाद, मनेंद्रगढ़ में आजादी के साथ दिवाली और होली जैसा माहौल

कोरिया – मनेन्द्रगढ़ को नए जिले की घोषणा के बाद पूरे शहर में आजादी के साथ दिवाली होली के त्यौहार का माहौल हो गया है. लोग अपने-अपने ढंग से जिले की खुशी को आपस में बांटते हुए दिखाई दे रहे है. और पूरा शहर रंग गुलाल और फटाकों की धूम से गूंज रहा है.

दरअसल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मनेंद्रगढ़ जिला बनने की घोषणा के बाद मनेंद्रगढ़ के शहर में सभी वर्ग के लोग छोटे बड़े महिलाएं बच्चों में एक खुशी का अलग माहौल दिखने लगा है. आजादी की खुशी के साथ जिला बनना मनेन्द्रगढ़ के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी है. जिसको मनाते हुए सभी लोग आतिशबाजी के साथ रंग गुलाल लगा रहे हैं और हर चौक चौराहे पर अपने खुशी मना रहे हैं. 

मुख्यमंत्री ने सभी को दी बधाई

बहुत लंबे संघर्ष के बाद मनेंद्रगढ़ को जिले की सौगात मिली है. जिसमें हर संस्था और राजनीतिक पार्टी ने अपने स्तर पर संघर्ष किया है लोग सभी को आभार प्रकट कर रहे हैं और जिन्होंने इस जिले के लिए प्रयास किए और बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. उनको नमन करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत सांसद ज्योत्सना महंत और विधायक विनय जयसवाल, विधायक गुलाब कमरों का धन्यवाद दे रहे हैं ।

जिले में बने चार जिलें

झंडावंदन के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत मीडिया से कहा कि छत्तीसगढ़ में चार नए जिले बने हैं. मनेन्द्रगढ़ को नया जिला बनाया गया है बहुत खुशी की बात है. मैंने यहां आने से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा था छत्तीसगढ़ में कम से कम 36 जिले होने चाहिए आने वाले वर्षों ने 4 नए जिले बनेंगे. अभी 4 नए जिले बनाने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देता हूं. मेरा यह सौभाग्य शक्ति को भी जिला बनाया गया है बहुत खुशी की बात है. 

4 जिलों के साथ 18 तहसील बनी

छत्तीसगढ़ में कुल 32 जिले हो गए है, जिसके बाद 18 नई तहसील भी बनी हैं, जिसमें नांदघाट, सोहेला,सीपत,बोदरी, बिहारपुर,चांदो,रधुनाथ नगर, डौरा- कोचली ,कोटमी- सकोला, सरिया,छाल,अजगरबहार, बरपाली,अहिवारा सरोना,कोरर,बारसुर, मर्दापाल,धनोरा,अड़भार,गंगलूर,कुटरू ,लालबहादुर नगर,तोंगपाल को नई तहसील बना दिया गया है.