दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की NEET में न्यूनतम आयु को लेकर दायर याचिका, लगाया जुर्माना

नई दिल्ली – NEET परीक्षा (NEET Exam) में बैठने के लिए आयु सीमा घटाने की मांग को लेकर दायर याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने याचिका खरिज कर दिया है. वहीं इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट ने याचिका खरिज करते हुए कहा कि वो नीतिगत फैसला है. हम दखल नहीं देंगे. कोर्ट ने जुर्माने की रकम 4 सप्ताह के भीतर DSLSA में जमा कराने का निर्देश दिया. वहीं मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अगर हम आज आयु सीमा घटा देते हैं तो कल कोई और आएगा और कहेगा कि हमारी जनरेशन अति बुद्धिमान है, इसलिए आयु सीमा 12 साल कर दी जाए. फिर कोई कहेगा कि आयु सीमा 7 साल कर दी जाए, हम ऐसा कैसे कर सकते हैं? वहीं याचिका में कहा गया कि दिसंबर 2021 तक 17 वर्ष की आयु पूरी करने वाला नियम इंडिया मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 में नहीं है.

याचिकाकर्ता के वकील की तरफ से दलील दी गई थी कि आज की जनरेशन अतिबुद्धिमान है. नई जनरेशन को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम आयु सीमा 15 साल कर देनी चाहिए NEET परीक्षा में बैठने के लिए. आयु सीमा का नियम 20 साल पुराना है. याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट से नीट परीक्षा में बैठने के लिए आयु सीमा 17 से घटा कर 15 करने की मांग की थी.

कोर्ट ने लगाया 10 हजार का जुर्माना

जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा हमें इस मामले पर विचार करने का कोई कारण नहीं दिखता इसमें कोई तथ्य नहीं हैं. आयु संबंधी नियमों को कम करने के पीछे भी कोई वजह नहीं है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया. याचिका में कहा गया याचिकाकर्ता भारत का एक नाबालिग नागरिक है. दस्तावेजों के अनुसार याचिकाकर्ता की जन्म तिथि 26 जनवरी, 2006 है. याचिकाकर्ता एक बुद्धिमान छात्र है. उसने 2019 में मैट्रिक और 2021 में कक्षा 12 की परीक्षा पास की है. याचिकाकर्ता की कक्षा के छात्र नीट 2021 दे रहे हैं, लेकिन 13 साल छोटा होने की वजह से वह नहीं दे सकता. इससे उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है.

इसी साल लागू होगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति, सर्टिफिकेट 1 साल, डिप्लोमा 2 साल और 3 साल में मिलेगी डिग्री

नई दिल्ली – MP Education News: मध्यप्रदेश में इसी साल से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (national education policy) लागू की जाएगी. इसका ऐलान मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने किया है. पत्रकारों से चर्चा के दौरान यादव ने कहा कि इस वर्ष महाविद्यालयों में 177 डिप्लोमा एवं 282 सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर विभाग द्वारा बनाई टास्क फोर्स ने अन्य राज्यों की उच्च शिक्षा व्यवस्था का अध्ययन किया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति की कार्य योजना बनायी है. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा को अधिक जॉब ओरिएंटेड बनाने के लिए सर्टिफिकेट, डिप्लोमा एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं.

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस वर्ष आधार पाठयक्रम में योग एवं ध्यान के पाठ्यक्रम भी जोड़े गए हैं. इसके अलावा 79 विषयों के प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम तैयार किये गए हैं, जिसमें विद्यार्थियों को वैकल्पिक विषय चुनने का अवसर दिया जाएगा. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सर्टिफिकेट 1 साल, डिप्लोमा 2 साल और 3 साल में डिग्री सहित ‘मल्टीपल एंट्री, मल्टीपल एग्जिट सिस्टम और चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) भी लागू किया जा रहा है.

कॉलेजों की सीटों में 25 प्रतिशत वृद्धि

यादव ने कहा कि वर्ष 2020-21 में 12वीं कक्षा में मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल, ओपन बोर्ड और सीबीएसई से लगभग प्रदेश में 8.23 लाख स्टूडेंट्स पास हुए हैं. ऐसे में स्टूडेंट्स की संख्या को ध्यान में रखते हुए विभाग ने निजी और शासकीय महाविद्यालयों की सीटों में 25 प्रतिशत वृद्धि की है. इसके अलावा ऐसे स्टूडेंट्स जो नियमित रूप से कॉलेज नहीं आ सकते उन्हें उच्च शिक्षा देने के लिए 134 शासकीय महाविद्यालयों में म.प्र. भोज मुक्त विश्वविद्यालय के स्टडी सेंटर खोले गए हैं और 84 नए सेंटर प्रस्तावित हैं. साथ ही निजी महाविद्यालयों में भी स्टडी सेंटर खोले जाने के लिए प्रस्ताव विचाराधीन हैं.

IIMC 2021 Admission: 29 अगस्त को होगी IIMC प्रवेश परीक्षा, जानें कैसे करें आवेदन और जरूरी जानकारी :

IIMC 2021 Admission – भारतीय जन संचार संस्थान (Indian Institute of Mass Communication) ने जर्नलिज्म और एडवरटाइजिंग एंड पब्लिक रिलेशंस में पीजी डिप्लोमा कोर्सेज के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे की पढ़ाई करने के लिए आईआईएमसी प्रवेश प्रक्रिया 2021 (IIMC Admission 2021) 20 जुलाई से शुरू हो चुकी है।

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आईआईएमसी की आधिकारिक वेबसाइट iimc.nta.ac.in पर जाकर 9 अगस्त 2021 या इससे पहले ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। प्रवेश परीक्षा (IIMC Entrance exam 2021 date) 29 अगस्त को आयोजित की जाएगी।

IIMC एडमिशन 2021 एप्लीकेशन फीस

जनरल कैटेगरी उम्मीदवारों को प्रत्येक कोर्स के लिए 1,000 और ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए 750 रुपये एप्लीकेशन फीस जमा करनी होगी।

आईआईएमसी एडमिशन 2021 के लिए ऐसे करें अप्लाई

IIMC की आधिकारिक वेबसाइट iimc.nta.ac.in के होम पेज पर न्यू रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करें। अपनी पर्सनल डीटेल्स भरें और क्वालिफिकेशन डीटेल्स के साथ एप्लीकेशन फॉर्म भरें। अपना पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ और स्कैन हस्ताक्षर अपलोड करें। एप्लीकेशन फीस जमा करने के बाद आपका एडमिशन फॉर्म सबमिट हो जाएगा। स्टूडेंस्ट, आगे के लिए रिसीप्ट डाउनलोड करके प्रिंटआउट अपने पास रख लें।

एग्जाम पैटर्न (IIMC Exam pattern)

इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) में एडमिशन एडमिशन एग्जाम 29 अगस्त को दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। पहली शिफ्ट सुबह 10 बजे से 12 बजे तक होगी, जिसमें पत्रकारिता (अंग्रेजी), पत्रकारिता (हिंदी), रेडियो और टीवी पत्रकारिता, विज्ञापन और जनसंपर्क पीजी कोर्सेज में दाखिला लेने के लिए होगी। जबकि जर्नलिज्म (ओडिया, मराठी, मलयालम और उर्दू) के लिए प्रवेश परीक्षा दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक होगी।

जानिए कहां-कहां हैं IIMC कैंपस?

बता दें कि, IIMC के देश भर में कुल 06 कैंपस हैं इनमें नई दिल्ली, ढेंकनाल, आइजोल, अमरावती, कोट्टायम और जम्मू में स्थित कैंपस शामिल हैं। स्टूडेंट्स, जन संचार और पत्रकारिता के 8 पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज के लिए IIMC में दाखिला ले सकते हैं।

कक्षा 10वीं की परीक्षा में नए छात्र-छात्राएं नहीं हो सकेंगे शामिल, एमपी बोर्ड ने जारी क‍िया आदेश :

भोपाल – मध्यप्रदेश में कक्षा 10वीं के रिजल्ट से असंतुष्ट छात्र-छात्राएं विशेष परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. विशेष परीक्षा को लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दिशा निर्देश जारी किए हैं. जिसमें एमपी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि हाईस्कूल की विशेष परीक्षा में नए विद्यार्थी शामिल नहीं हो सकेंगे.

पोर्टल पर दर्ज छात्र छात्राओं को ही माना जाएगा परीक्षा के लिए पात्र

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि हाईस्कूल की विशेष परीक्षा में नए छात्र-छात्राएं शामिल नहीं हो सकेंगे. माध्यमिक शिक्षा मंडल के पोर्टल पर जिन छात्र-छात्राओं के नाम दर्ज है उन्हें ही इस विशेष परीक्षा के लिए पात्र माना जाएगा और केवल वही छात्र-छात्राएं विशेष परीक्षा के लिए फॉर्म भर सकेंगे. विशेष परीक्षा के लिए एमपी बोर्ड ने 900 रुपये परीक्षा फीस निर्धारित की है.

BEd Course : बीएड में लागू होगा सेमेस्टर सिस्टम, एनसीटीई कर रहा ये बदलाव

1 से 10 अगस्त के बीच भरने होंगे परीक्षा फॉर्म

कक्षा 10वीं के छात्र-छात्राओं का रिजल्ट 14 जुलाई को घोषित हुआ है. इससे पहले माध्यमिक शिक्षा मंडल ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि जो भी छात्र छात्राएं अपने परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट रहते हैं, वो सभी सितंबर के महीने में होने वाली विशेष परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. विशेष परीक्षा 01 से 25 सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी. विशेष परीक्षा से पहले परीक्षा फॉर्म 1 से 10 अगस्त के बीच भरे जाएंगे. पात्र छात्रों को विशेष परीक्षा के लिए 10 दिनों के भीतर ही परीक्षा फॉर्म भरना अनिवार्य होगा.

खुशखबरी! उम्र की पाबंदी खत्म, अब कभी भी ले सकते हैं कॉलेज में एडमिशन

आंतरिक मूल्यांकन से तैयार हुआ है कक्षा 10वीं का रिजल्ट

कोरोना संकट केचलते कक्षा 10वीं की परीक्षा निरस्त की गई थी. छात्र छात्राओं का रिजल्ट आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर तैयार किया गया है. कक्षा दसवीं के रिजल्ट छात्र-छात्राएं असंतुष्ट दिखाई दिए थे. छात्र छात्राओं का कहना था कि मेहनत करने वाले स्टूडेंट और नॉर्मल स्टूडेंट आंतरिक मूल्यांकन के चलते एक बराबर स्तर पर पहुंच गए हैं. आगे के लिए कक्षा 10वीं की मार्कशीट बेहद महत्वपूर्ण होती है. प्रतिशत को सुधारने के लिए विशेष परीक्षा देने का मौका बेहतर विकल्प है.

BEd Course : बीएड में लागू होगा सेमेस्टर सिस्टम, एनसीटीई कर रहा ये बदलाव :

नई दिल्ली – दो वर्षीय बीएड कोर्स करने जा युवाओं के लिए बड़ी खबर है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब बीएड में वार्षिक परीक्षा की बजाए सेमेस्टर परीक्षा होगी. साथ ही सिलेबस में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौजूद सर्वश्रेष्ठ क्रियाकलाप शामिल किए जाएंगे. सिलेबस में भारतीय मूल्य, भाषा, ज्ञान, सिद्धांत और परंपराओं को भी जगह मिलेगी. लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्स का मुख्य आधार कौशल होगा. रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन ने च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS) में बीएड कोर्स तैयार करने के लिए 12 सदस्यीय वर्किंग ग्रुप बनाया है. एनआईओएस से प्रो. सरोज शर्मा वर्किंग ग्रुप की चेयरमैन होंगी. बता दें कि हाल में ही यूपी सरकार ने न्यूनतम पाठ्यक्रम के तहत बीएड कोर्स डिजाइन कराया था. लेकिन एनसीटीई है, ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर बीएड पाठ्यक्रम को डिजाइन करने की प्रक्रिया शुरू हुई है. उत्तर प्रदेश सरकार बीएड कोर्स में बदलाव को अगले सत्र से लागू करेगी. एनसीटीई ने बीएड का नया कोर्स तैयार करने का आदेश जारी कर दिया है.

बीएड कोर्स में होंगे ये बदलाव

  • बीएड के कोर्स में नई शिक्षा नीति की सिफारिशों को शामिल किया जाएगा
  • एक समान सेमेस्टर फॉर्मेट होगा
  • बीएड कोर्स में 21वीं सदी के अनुसार कौशल पर जोर दिया जाएगा
  • सभी स्तरों पर कोर्स की व्यापकता और जरूरत

खुशखबरी! उम्र की पाबंदी खत्म, अब कभी भी ले सकते हैं कॉलेज में एडमिशन

आपकी उम्र ज्यादा हो चुकी है, लेकिन आप अपनी उच्च शिक्षा पूरी करना चाहते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है। अब आप किसी भी उम्र में कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में दाखिला लेकर हायर एजुकेशन (Higher Education) का सपना पूरा कर सकते हैं। मध्यप्रदेश सरकार (MP Government) ने यूनिवर्सिटी-कॉलेज एडमिशन के लिए उम्र की पाबंदी खत्म कर दी है। मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में दिशानिर्देश जारी कर दिये हैं।

एमपी हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट ने 2021 के लिए कॉलेज एडमिशन गाइडलाइन (MP College admission guidelines 2021) जारी की है। इसमें मध्यप्रदेश के सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी कॉलेजों के अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्ट ग्रेजुएट (PG) एडमिशन के लिए नये नियम बताये गये हैं।

विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, मौजूदा सत्र यानी 2021-22 से कॉलेज एडमिशन के लिए अधिकतम उम्र सीमा की बाध्यता खत्म कर दी गई है। यानी अब राज्य के कॉलेजों में यूजी-पीजी एडमिशन (रेगुलर) के लिए कोई अधिकतम उम्र सीमा नहीं होगी। आप कभी भी, किसी भी उम्र में एडमिशन ले सकते हैं। पहले यहां यूजी (ग्रेजुएशन) एडमिशन के लिए अधिकतम उम्र 21 साल और पीजी के लिए अधिकतम 28 साल थी।

पीजी सभी कोर्सेज़ के लिए एडमिशन की प्रक्रिया 01 अगस्त 2021 से शुरू हो रही है। आपको इसमें शामिल होने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। एक उम्मीदवार अधिकतम 7 कॉलेजों का विकल्प चुन सकता है |

मध्यप्रदेश पीजी एडमिशन 2021 (MP PG admission 2021)

अगर आप पीजी कोर्स के लिए अप्लाई कर रहे हैं, लेकिन आपका ग्रेजुएशन का फाइनल रिजल्ट अभी नहीं आया है, तो भी आप रजिस्टर कर सकते हैं। लेकिन आपको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करते समय अपने ग्रेजुएशन के फर्स्ट और सेकंड ईयर के मार्क्स का औसत भरना होगा। अगर आपने सेमेस्टर सिस्टम से पढ़ाई की है, तो पहले से 5वें सेमेस्टर तक के कुल मार्क्स का प्रतिशत भरना होगा।

कॉलजों में एडमिशन 1 अगस्त से, जानिए कब होगा सेशन, कैसे वैरिफाई होंगे डॉक्युमेंट्स :

भोपाल – मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है. इस शेड्यूल के तहत 1 अगस्त से सभी कॉलेजों में एडमिशन शुरू हो जाएंगे. कॉलेजों में नया सेशन 1 सितंबर से होगा. अक्टूबर में छात्र संघ का गठन होगा और इसी महीने वार्षिक उत्सव भी होंगे.

MP में 25 जुलाई से खुलेंगे स्कूल, 11- 12वीं क्लास से होगी शुरुआत

गौरतलब है कि, सरकार के निर्देश के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) में प्रवेश के लिए ऑनलाइन-ऑफलाइन काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया. यूजी फर्स्ट ईयर, पीजी फर्स्ट सेमेस्टर और बीएड-एमएड सहित अन्य एनसीटीई मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों के लिए रजिस्ट्रेशन एक अगस्त से किए जाएंगे. कोरोना संक्रमण के चलते डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन से छूट रहेगी. प्रवेश के बाद कॉलेजों में ही दस्तावेज जमा करने होंगे. विभाग ने यूजी-पीजी की सीटें भरने के लिए दो चरणों में ऑनलाइन काउंसिलिंग कराने और एक चरण कॉलेज लेवल काउंसिलिंग का रखा है.

यह स्टूडेंट के लिए शेड्यूल

कॉलेज में एडमिशन 1 से 12 अगस्त तक.

डॉक्युमेंट्स वैरिफिकेशन PG- 2 से 14 अगस्त, UG-  2 से 9 अगस्त, मेरिट लिस्ट 20 अगस्त 14 अगस्त

फीस जमा PG- 20 से 25 अगस्त, UG-  14 से 19 अगस्त

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन PG- 28 अगस्त से 3 सितंबर तक, UG- 22 से 28 अगस्त

डॉक्युमेंट्स वैरिफिकेशन PG-  29 अगस्त से 5 सितंबर, UG-  23 से 30 अगस्त, मेरिट लिस्ट 10 सितंबर 6 सितंबर

फीस जमा – 10 से 14 सितंबर 6 से 11 सितंबर

B.Ed कोर्स का पहला चरण 1 से 5 अगस्त तक, दूसरा चरण 21 अगस्त से 25 अगस्त. एडमिशन के बाद दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा करने की प्रोसेस की जाएगी.

अब बुजुर्ग भी ले सकेंगे एडमिशन

मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए कॉलेज में पढ़ाई और एडमिशन के लिए उम्र का बंधन पूरी तरीके से खत्म कर दिया है. यानी अब स्कूलों के बाद कॉलेजों में जाने वाले युवाओं के साथ अधेड़ और बुजुर्ग लोग एडमिशन लेने के साथ पढ़ाई कर सकेंगे. अभी उम्र के चक्कर में कॉलेजों में एक सीमा तक ही कोई व्यक्ति पढ़ाई कर सकता था. उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश और नई गाइडलाइन के तहत अब प्रदेश के कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए किसी भी तरह का आयु बंधन नहीं होगा. किसी भी उम्र में दाखिला ले सकेंगे.

विभाग ने कॉलेजों में दाखिला लेने के लिए गाइडलाइन (Guideline) जारी की है. पहले पीजी में नियमित दाखिले की अधिकतम उम्र 28 थी, जबकि यूजी में 21 थी. अब कोई भी व्यक्ति सितंबर से शुरू होने वाले नए सत्र में एडमिशन ले सकते हैं. इसके लिए प्रदेश के सभी प्राइवेट और सरकारी कॉलेजों में 1 अगस्त से एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो रही है.

MP में 25 जुलाई से खुलेंगे स्कूल, 11- 12वीं क्लास से होगी शुरुआत :

भोपाल – मध्य प्रदेश (MP) में स्कूल (School) इसी महीने 25 जुलाई से खुल जाएंगे. इसकी शुरुआत 11 वीं और 12 वीं क्लास से होगी. उसके बाद हालात देखते हुए आगे की क्लासेस शुरू की जाएंगी. सीएम शिवराज ने भोपाल में हुए एक कार्यक्रम में ये ऐलान किया.

कोरोना संक्रमण के कारण करीब डेढ़ साल से बंद स्कूल फिर खोलने की तैयारी है. सेकेंड वेव के कहर के बाद धीरे धीरे संभल रहे मध्य प्रदेश में 25 जुलाई से स्कूल खोलने की तैयारी है. भोपाल में सीएम शिवराज ने कहा हम 25 – 26 जुलाई से स्कूल खोलने  जा रहे हैं. शुरू में 11 वीं और 12 वीं की क्लासेस शुरू की जाएंगी. अगर कोरोना के हालात इसी तरह काबू में रहे, तीसरी लहर नहीं आयी तो 15 अगस्त के बाद अन्य स्कूल खोलने पर विचार किया जाएगा. सब कुछ ठीक रहा तो छोटी क्लासेस भी शुरू की जा सकती हैं.

50 फीसदी के साथ

सीएम शिवराज ने कहा कोरोना संक्रमण से बचाव के सारे एहतियात बरते जाएंगे. गाइड लाइन और प्रोटोकॉल के तहत सिर्फ 50 फीसदी उपस्थिति के साथ स्कूल खोले जाएंगे. उन्होंने कहा हमारे बच्चे स्कूल कॉलेज बंद होने से पढ़ नहीं पा रहे है. कुंठित हो रहे है. इसलिए पहले चरण में 25,26 जुलाई को कक्षा 11, 12 के स्कूल शुरू करेंगे. 2 दिन एक बैच आएगा और अगले दो दिन दूसरा बैच. सब कुछ ठीक हुआ तो 9 से 10 फिर 6 से 8 और 1 से 5 तक के स्कूल खोले जाएंगे

राजा बाबू हो गए हैं छात्र

शिवराज सिंह ने आज के बच्चों पर कहा – आज कल छात्र मेहनत नहीं करते. राजा बाबू बन गए हैं. अगर स्कूल में पट्टी या पानी का गिलास उठा लिया तो मीडिया की सुर्खिया बन जाती हैं लेकिन बच्चों को मेहनत करना चाहिए. शिक्षा वो है जो मुक्ति दिलाए. लोक परलोक में शिक्षा मनुष्य बनाती है. शिक्षा आने वाली पीढ़ी को ज्ञान देती है. सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में संस्कार देने का काम चलता है. देशभक्त, अच्छा नागरिक बनें, अपने लिए नहीं दूसरों के लिए जीयें ऐसे नागरिक बनाने के लिए पढ़ाया जाता है. शिक्षा केवल सरकार के हाथ में नहीं होना चाहिए. जो विशेषज्ञ हों-जो ज्ञानी हों फिर चाहें वो निजी हों या सरकारी उनके ज्ञान का उपयोग शिक्षा की बेहतरी के लिए करना चाहिए. स्कूल शिक्षा प्रणाली में ऐसे लोगों का मार्गदर्शन लेना चाहिए.

बच्चों की फिक्र

सीएम ने कहा बच्चे चिंतित हैं. तीसरी लहर आएगी या नहीं आएगी लेकिन विशेषज्ञ बोल रहे है आएगी. प्रदेश में कोरोना नियंत्रण में है. हम परिस्थितियों पर नज़र रखे हैं. रोज़ 20 केस आ रहे हैं. वर्तमान में 250 एक्टिव केस हैं. स्कूल शिक्षा मंत्री इंद्रर सिंह  परमार ने कहा हम समूह में बच्चों को बुलाएंगे. इस महीने के अंत तक प्रदेश में स्कूल खोलने की हमारी पूरी तैयारी है. तीसरी लहर की आशंका है इसलिए छोटे समूह में बच्चों को बुलाएंगे. साथ ही हम किसी  के दबाब में नहीं हैं.

रिजल्‍ट से नाखुश दिखे छात्र, ज्‍यादातर स्‍टूडेंट ने कहा- सफल नहीं हुई मेहनत :

MP Board 10th Result – कक्षा 10वीं का रिजल्ट स्कूल शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सिंगल क्लिक से घोषित किया. कक्षा दसवीं में एक भी छात्र छात्राओं के फेल ना होने से रिजल्ट 100 फ़ीसदी रहा. रिजल्ट के पैटर्न से कक्षा दसवीं के छात्र छात्राएं संतुष्ट नहीं दिखे. छात्र छात्राओं ने कहा कि इस तरह के रिजल्ट के पैटर्न से टॉपर स्टूडेंट और नॉर्मल स्टूडेंट में किसी तरह का कोई अंतर नहीं रहा.

कक्षा 10वीं के रिजल्ट पैटर्न से नाखुश दिखे स्टूडेंट 

कक्षा दसवीं का रिजल्ट आज घोषित हुआ है. छात्र-छात्राएं रिजल्ट से उत्साहित नजर नहीं आए. छात्र-छात्राओं के खुश ना होने का एक कारण आंतरिक मूल्यांकन से रिजल्ट तैयार होना था. कक्षा 10वीं के छात्र छात्राओं का कहना है कि इस तरह के रिजल्ट से खुशी नहीं हो रही है. क्योंकि मेहनत पूरी तरह से सफल नहीं हुई है. सभी स्टूडेंट्स टॉपर हो या एब्रेज़(नार्मल)स्टूडेंट्स सभी एक ही बराबर रहे.

आंतरिक मूल्यांकन से टॉपर और एब्रेज़( नार्मल )स्टूडेंट्स बराबर

कक्षा 10वीं के छात्र-छात्राओं का कहना है कि थोड़ी सी खुशी भी है तो थोड़ा सा उदासी भी है. कक्षा दसवीं की परीक्षाएं आयोजित होती तो मेरिट लिस्ट जारी होती. टॉप टेन में आने की खुशी भी रहती. 90% से ज्यादा परसेंटेज आते तो लगता पढ़ाई सफल हो गयी है. अब इस तरह के रिजल्ट का कोई मतलब नहीं लग रहा.  बेहतर परसेंटेज होने से कक्षा दसवीं की मार्कशीट बेहद महत्वपूर्ण होती है लेकिन इस बार आंतरिक मूल्यांकन से कक्षा 10वीं की मार्कशीट की इतनी वैल्यू नहीं रह गई है.

रिजल्ट से नाखुश कक्षा 10वीं के कुछ छात्र छात्राओं का कहना है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने विशेष परीक्षा देने का जो मौका दिया है उसमें शामिल होंगे. कक्षा दसवीं की मार्कशीट आगे बहुत इंपॉर्टेंट होती है इस वजह से विशेष परीक्षा में शामिल होकर अंको को सुधारने की कोशिश करेंगे. तो वहीं कुछ छात्रों का कहना है कि इस बार जिस तरीके का रिजल्ट तैयार हुआ है उसी के साथ आगे बढ़ेंगे क्योंकि सितंबर के महीने में होने वाली विशेष परीक्षा में शामिल होते है तो रिजल्ट अक्टूबर या नवंबर के महीने में घोषित होगा. जैसे अभी  दसवीं की पढ़ाई तो प्रभावित हुई है कक्षा ग्यारहवीं की भी पढ़ाई प्रभावित होगी. कक्षा ग्यारहवीं के परसेंटेज को सुधारने के लिए अब विशेष परीक्षा देने का कोई मतलब नहीं रहेगा.

अगले साल के लिए 10 वीं बोर्ड रिजल्ट का फार्मूला तय, बेस्ट ऑफ फाइव के आधार पर स्टूडेंट पास होगा या फेल :

भोपाल – मध्यप्रदेश में अगले साल  शैक्षणिक सत्र 2021-22 में कक्षा 10वीं का रिजल्ट बेस्ट ऑफ फाइव (Best of five) फार्मूले के तहत तैयार किया जाएगा. परीक्षार्थियों का रिजल्ट 5 विषयों के नंबरों के आधार पर तैयार किया जाएगा. अगर कोई स्टूडेंट 6 में से पांच विषय में पास होता है और एक सब्जेक्ट में फेल होता है तब भी उसे बेस्ट ऑफ फाइव फॉर्मूले के तहत पास किया जाएगा.

रिजल्ट से असंतुष्ट 10वीं और 12वीं के छात्र सितंबर में दे सकेंगे परीक्षा

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने आदेश में कहा है कि विद्यार्थियों का रिजल्ट 5 विषयों से तैयार किया जाएगा. 6 विषयों में से जिन 5 विषयों में स्टूडेंट के सबसे ज्यादा नंबर होंगे रिजल्ट उन्हीं 5 विषयों के आधार पर दिया जाएगा. स्टूडेंट्स 6 विषयों में से 5 में पास होता और सिर्फ एक सब्जेक्ट में फेल होता है तो बेस्ट ऑफ फाइव फॉर्मूले के तहत स्टूडेंट्स को पास घोषित किया जाएगा.

तीन विषयों में फेल होने पर फेल 

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बेस्ट ऑफ फाइव फार्मूले के तहत स्टूडेंट को ये सुविधा दी है कि छात्र परसेंटेज सुधारने के लिए आने वाले साल में नियमित या प्राइवेट छात्र के रूप में दोबारा हाई स्कूल की परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. एक सब्जेक्ट में फेल होने के बावजूद बेस्ट ऑफ फाइव के तहत पास होने वाले स्टूडेंट उस विषय की पूरक परीक्षा देना चाहे तो दे सकता है जिसमें वो फेल हुआ है.

ये रहेगा क्रम

दो या अधिक विषयों में समान अंक होने पर परीक्षा परिणाम में शामिल विषयों का क्रम भाषा समूह में प्रथम भाषा, द्वितीय भाषा, तीसरी भाषा और कोर विषयों में गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, रहेगा. भाषा ग्रुप में से एक और कोर विषय में समान अंक मिलने पर कोर विषय को परीक्षा परिणाम में शामिल किया जाएगा. अगर छात्र किसी विषय में अनुपस्थित है उसका रिजल्ट उसे अनुत्तीर्ण मानकर बेस्ट फाइव विषयों के अंकों के आधार पर घोषित किया जाएगा.