पिता ने 15 दिन से डीप फ्रीजर में रखा है बेटे का शव, जानिए वजह

सुल्तानपुर – सुल्तानपुर (Sultanpur) में एक पिता पिछले 17 दिनों से अपने मृतक बेटे का शव डीप फ्रीजर (deep freezer) में रख कर न्याय की उम्मीद में है. उसकी मांग हत्या की अशंका जताते हुए बेटे के शव के दोबारा पोस्टमार्टम कराने की है. प्रशासन ने जब उसकी गुहार नहीं सुनी तो उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. फिलहाल अब न्यायालय दोबारा पोस्टमार्टम का आदेश देगा या नहीं इस पर परिवार की निगाहें टिकी हुई हैं.

दरअसल, ये मामला कूरेभार थानाक्षेत्र के पूरे सूबेदार पाठक गांव का है. इसी गांव के रहने वाले शिव प्रसाद पाठक का बेटा शिवांश दिल्ली में एक सहयोगी वरुण वर्मा के साथ एक्सीगो इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चलाता था. इसी कम्पनी में बतौर एचआर के पद पर काम कर रही गुरमीत कौर से उसकी दोस्ती हुई और प्यार में बदल गई. दोनों ने एक दूसरे के साथ जीने मरने की कसमें खाते हुये 2013 में विवाह कर लिया.

गुरमीत और शिवांश से एक वर्ष की बेटी भी है. इसी बीच बीते एक अगस्त को संदिग्ध परिस्थितियों में शिवांश की मौत हो गई. परिजन आशंका जताते हुए आरोप लगा रहे हैं कि शिवांश की पत्नी और सहयोगी वरुण ने संपत्ति की लालच में इसकी हत्या करवा दी है. दिल्ली में पहुंचे शिवांश के भाई ने इनके खिलाफ बेगमपुर थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया. परिजन पोस्टमार्टम में भी दिल्ली पुलिस की भूमिका संदिग्ध बता रहे हैं.

वहां से न्याय न मिलता देख परिजन शिवांश का शव लेकर सुल्तानपुर के पैतृक गांव पहुंच गए और उसे डीप फ्रीजर में रख दिया. दोबारा पोस्टमार्टम के लिये जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई, लेकिन अधिकारियों में पल्ला झाड़ लिया. लिहाजा पिता ने दिल्ली हाइकोर्ट के साथ सुल्तानपुर दीवानी न्यायालय में दोबारा पोस्टमार्टम के लिये अर्जी लगाई है.

फिलहाल अभी तक इस मामले में न्यायालय का कोई आदेश नहीं आ सका है. लिहाजा परिजन पिछले 17 दिनों से शव को डीप फ्रीजर में रखकर न्यायालय के आदेश का इंतजार कर रहे हैं.

17 साल की लड़की ने बॉयफ्रेंड के दोस्त को हनीट्रैप में फंसाया, करवा दिया पिता का मर्डर

ग्वालियर – मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh News) के ग्वालियर से हैरान करने वाला और रिश्तों को तार-तार करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक17 साल की बेटी ने प्रेमी के दोस्त को हनीट्रैप में फंसाकर पिता की हत्या करवा दी. पिता ने कुछ दिन पहले उसे थप्पड़ मारा था. इसे वो सहन नहीं कर सकी. उसने क्राइम सीरियल देखकर इस हत्याकांड की योजना बनाई, लेकिन उसके मोबाइल की कॉल डिटेल ने पूरा राज खोल दिया. पुलिस ने लड़की और युवक को गिरफ्तार कर लिया है.

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पुलिस के मुताबिक, 4 अगस्त की रात को थाटीपुर पुलिस को सूचना मिली की तृप्ति नगर में रहने वाले 58 साल के रविदत्त दुबे की हत्या हो गई है. दुबे ग्वालियर कलेक्ट्रेट में क्लर्क थे. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक जांच करवाई. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की. चूंकि, घर के कमरे में सोते वक्त हत्या हुई थी, इसलिए पुलिस का शक परिजनों पर ही था. पुलिस ने बताया कि हत्या से पहले खाना खाने के बाद रविदत्त दूबे अपने परिवार के साथ घर के पहले माले पर सो रहे थे. इसी माले पर पत्नी भारती, दोनों बेटियां और बेटा भी सो रहा था. देर रात कमरे में तेज धमाका हुआ. घरवाले जागे और बत्ती जलाई तो रविदत्त बिस्तर पर खून से लथपथ पड़े थे. उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी.

पुलिस ने खंगाली लड़की की कॉल डिटेल

पुलिस ने जब गहराई से जांच की तो उन्हें मृतक रविदत्त की 17 साल की छोटी बेटी पर शक हुआ. पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली तो पता चला कि नाबालिग लड़की बीते 15 दिन से एक खास नंबर के संपर्क में थी. पुलिस ने ट्रेस किया तो ये नंबर इलाके में रहने वाले पुष्पेन्द्र का था. दूसरी ओर, पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि लड़की का करन राजौरिया नाम के लड़के से अफेयर चल रहा था.

प्रेमी ने खोला ये राज

इसके बाद पुलिस ने छात्रा के प्रेमी करन से पूछताछ की. उसके पास से अहम जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने लड़की से फिर पूछताछ की. इस पूछताछ में आरोपी नाबालिग टूट गई और हत्या का राज खोल दिया. पुलिस ने बताया कि लड़की करन से मिलती थी. एक बार पिता रविदत्त ने इनको देख लिया. उन्होंने बेटी को घर ले जाकर उसकी पिटाई कर दी. इसी बात से बेटी अपने पिता से नाराज हो गई. छात्रा ने  प्रेमी करन से अपने पिता की हत्या करने को कहा, लेकिन उसने गुनाह करने से न केवल मना किया बल्कि रिश्ता भी खत्म कर लिया.

इसके बाद छात्रा ने करन के दोस्त पुष्पेन्द्र लोधी से दोस्ती कर ली. छात्रा ने पुष्पेंद्र को प्रेमजाल में फंसाया उसे पिता की हत्या के लिए तैयार किया. 4 अगस्त की रात पुष्पेंद्र को छात्रा ने अपने घर बुलाया और इंतजार करने लगे. रात दो बजे पुष्पेंद्र ने कट्टे से रविदत्त को मौत के घाट उतार दिया और भाग निकला. थाटीपुर पुलिस ने छात्रा और हत्या करने वाले पुष्पेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है.

शराबी पति ने बच्चों के सामने हथौड़े से पीट-पीट कर की पत्नी की हत्या

सतना – सतना जिले के कानपुर गांव में शराब पीने से मना करने पर ने शराबी पति ने पत्नी की हत्या कर दी. वारदात के वक्त उसके बच्चे घर में ही थी. उन्हीं के सामने शराबी पति ने हथौड़े से पीट-पीटकर पत्नी को मौत के घाट उतार दिया.

पुलिस के मुताबिक शराब के नशे में धुत बालकदास मवासी शुक्रवार रात नशे में घर पहुंचा था. पत्नी आशा से और पैसे की मांग करने लगा. पत्नी ने विरोध किया तो मारपीट करने लगा, हालांकि नाबालिग बच्चों ने रोकने का कोशिश की. जिस पर वह बच्चों को भी मारने लगा. हथौड़ा उठाकर बीवी पर प्रहार करने लगा जिससे बच्चे जान बचाकर भागे और पत्नी अकेली पड़ गई. शराब के नशे में शैतान बने पति ने पत्नी को हथौड़े से पीट-पीट कर हत्या कर दी और भाग निकला.

पत्नी पर शक, सनकी पति ने कुल्हाड़ी से काटी गर्दन, खुद थाने पहुंचकर दी जानकारी

घटना की सूचना पुलिस को लगी. मौके पर पहुंची मझगवां पुलिस ने मृतिका के शव को पीएम के लिए भेजा. मृतिका के बच्चों के बयान के आधार पर आरोपी पति बालकदास पर हत्या का मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है.

पत्नी पर शक, सनकी पति ने कुल्हाड़ी से काटी गर्दन, खुद थाने पहुंचकर दी जानकारी

जबलपुर – पत्नी पर शक के बाद जबलपुर में एक पति ने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है। उसने पत्नी के चरित्र पर शक था। इसके बाद कुल्हाड़ी से वार कर पत्नी को मार दिया है। हत्या के बाद आरोपी खुद ही थाने पहुंच गया और खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस उसके बताए स्थान पर पहुंची और मौके से पत्नी का शव बरामद किया है। घटना कटंगी थाना क्षेत्र के ग्राम बोरिया की है।

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बताया जाता है कि भीकम मेहरा की बेटी आरती का विवाह लगभग सात साल पूर्व ग्राम बोरिया निवासी उमेश उर्फ पिंकेश झारिया से हुआ था। दामाद उमेश हमेशा उसकी बेटी आरती के चरित्र पर संदेह करते हुए मारपीट करता था। मंगलवार को भी बेटी आरती के साथ दामाद ने मारपीट की थी, जिसकी जानकारी बेटी ने लगभग साढ़े ग्यारह बजे पिता को दी और अपने साथ लेकर जाने को बोली।

पिता भीकम लगभग तीन बजे के बाद आरती के घर बोरिया पहुंचे तो देखा कि उसकी बेटी अपने घर के पीछे वाले कमरे में चोटग्रस्त हालत में खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ी थी, जिसकी गर्दन में चोट थी। उसके दामाद उमेश उर्फ पिंकेश ने चरित्र संदेह पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी बेटी आरती की हत्या कर दी है।

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पुलिस ने आरोपी की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी जब्त करते हुए आरोपी को न्यायलय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया है। वहीं, घटना के समय इकलौता बेटा बाहर खेल रहा था। गांव में भी घटना के दहशत का माहौल है।

पड़ोसी करता था तंग, महिला ने हत्या के लिए दे दी 50 हजार की सुपारी

बैतूल – छोटे-छोटे झगड़े कैसे बड़े विवाद की वजह बन जाते हैं. इसकी बानगी बैतूल में देखने को मिली है. जहां एक महिला ने पड़ोसी की हत्या के लिए सिर्फ इसलिए 50 हजार की सुपारी दे दी क्योंकि वह अक्सर उससे झगड़ता रहता था. इस सुपारी का असर भी यह हुआ कि परेशान करने वाले पड़ोसी की जान जाते-जाते बची. वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती है. पुलिस ने इस मामले में जानलेवा हमला करने के आरोप में दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए तीन आरोपी सीहोर जिले के रहने वाले हैं. इन्होंने सुपारी ली थी.

एसडीओपी नितेश पटेल के मुताबिक बैतूल कोतवाली थाना क्षेत्र के पाढर पुलिस चौकी इलाके में पिछले 8 अगस्त की रात करीब 11 बजे 40 वर्षीय मनोहरी उइके पर कुछ अज्ञात लोगों ने चाकुओं से जानलेवा हमला कर दिया था. इस हमले में गंभीर रूप से घायल मनोहरी को पाढर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. जहां उसका इलाज चल रहा है. जब इस मामले की पड़ताल की गई तो पता चला कि मनोहरी के रामनगर मोहल्ला पाढर में रहने वाली पड़ोसन नर्मदा ने उसकी हत्या करवाने के लिए किराए के गुंडों को 50 हजार रुपये की सुपारी दी थी. जिसमें उसकी भांजी ने मदद की थी. पुलिस ने इस मामले में तीन बदमाशों और साजिश करने वाली दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है.

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

8 अगस्त की रात करीब 11 बजे दो अज्ञात लड़कों ने मनोहरी उइके को आवाज देकर घर से बाहर बुलाया. उससे कहा कि उन्हें दारू दिलवा दो. मनोहरी उइके ने बोला कि यहां पर दारू नहीं मिलती. इतने में एक लड़के ने गालियां देते हुए झूठ बोलता है साले, कहकर चाकू निकाला और ताबड़तोड़ कई वार कर दिए.  जिससे मनोहरी वहीं गिर पड़ा. इस जानलेवा हमले के बाद हमलावर ग्रे रंग की अल्टो कार से भाग गये.

ऐसे हुआ खुलासा

पुलिस पड़ताल में शक के आधार पर पुलिस ने रामनगर मोहल्ला पाढर निवासी एक महिला एवं उसकी बहन की लड़की दोनों को होशंगाबाद से तलबकर हिकमत अमली से पूछताछ की. जिन्होंने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया. किन्तु जब सख्ती से पूछताछ की गई तो दोनों ने जुर्म स्वीकार कर बताया कि मनोहरी उइके कई सालों से छोटी-छोटी बातों को लेकर नर्मदा बाई उइके को लड़ाई झगड़ा कर परेशान करता था. खेत की लकड़िया काट देता था. कवेलू में पत्थर माकर फोड़ देता था. कभी खेत में बकरी चरा देता था. जिससे वह काफी परेशान हो गई थी. उसने अपनी परेशानी बहन की लड़की को बताई. जिसने पचास हजार रुपये में मनोहरी उइके का काम तमाम कर देने का सौदा अपने मित्र दिलीप पिता गुलाब माझी नि. ग्राम जहाजपुरा, तह. रहटी जिला सीहोर के जरिये दो बदमाश अतुल पिता महेश शर्मा उम्र 22 साल नि. ग्राम जोगला थाना नसुरूल्लागंज जिला सीहोर एवं चैनसिंह पिता केदारसिंह कीर उम्र 22 साल नि. ग्राम नेहरूगांव तह. नसुरूल्लागंज जिला सीहोर से किया.

एडवांस के तौर पर उन्हें 10 हजार रुपये की पेशगी भी दे दी गयी. जिस पर तीनों ने 7 अगस्त की दोपहर पाढर आकर रेकी भी की और वापस होशंगाबाद चले गये. फिर 8 अगस्त को तीनों बदमाश दिलीप माझी, अतुल शर्मा और चैनसिंह कीर तीनों नर्मदा द्वारा उपलब्ध कराई गई. अल्टो कार क्रमांक से पाढर आये और रात्रि में मौका देखकर मनोहरी उइके को घर से बाहर बुलाया और चाकू मारकर भाग गये.

आरोपी दिलीप माझी जब अपने साथियों से मिलने के लिए आवरीघाट ब्रिज थाना रेहटी पहुंचा और जैसे ही अतुल शर्मा और चैनसिंह, दिलीप माझी से मिलने के लिए आये तो पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आवरीघाट ब्रिज पर पहुंचकर घेराबंदी कर तीनों को पकड़ने मे कामयाबी हासिल की. आरोपियों के पास से एडवांस 10 हजार मे से 7800 रुपये भी बरामद किए गए है.

फर्जी CBI बनकर शराब भट्टी मालिक से लूटे 2 लाख, अक्षय कुमार के ‘स्पेशल 26’ से थे प्रेरित

छतरपुर – मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले (Chhatarpur District) में एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां पर फर्जी सीबीआई अधिकारी (Fake CBI Officer) बनकर एक शराब की भट्टी के संचालक को पिस्तौल दिखाकर दो लाख रुपये की लूटपाट की गई है. वहीं, इस मामले में छह लोगों को दिल्ली, भोपाल (Delhi, Bhopal) एवं उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है. छतरपुर जिले के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने रविवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि छतरपुर से 24 किलोमीटर दूर नौगांव नगर के निकट एक शराब की भट्टी में छह अगस्त की सुबह फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

उन्होंने बताया कि इन लोगों के पास पिस्तौल भी थी और उन्होंने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के 2020 के जहरीली शराब कांड की जांच की बात शराब की भट्टी के संचालक निखिल बंसल से कही. शर्मा ने बताया कि इन लोगों ने पहले जांच के नाम पर बंसल को धमकाया और फिर मामला निपटाने के लिए कहा. और जब फिर भी उनकी बात नहीं बनी, तो उन्होंने पिस्तौल दिखाकर दराज में रखे दो लाख रुपये और सीसीटीवी की हार्ड डिस्क निकाल ली और वहां से चले गए.

उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया था

उन्होंने कहा कि बंसल की शिकायत पर नौगांव थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार किये गये आरोपियों में धर्मेंद्र कुमार बाल्मीकि (45), देवेंद्र कुमार जुलाहा (44), अविनाश कुमार मौर्य (40), बुधराम गुर्जर (44) , शिवपाल सिंह भदोरिया ( 42) एवं देवेंद्र पाठक (39) को गिरफ्तार कर लिया है. इन्हें दिल्ली, भोपाल एवं उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया है. उन्होंने कहा कि आरोपियों ने बताया कि हिन्दी फिल्म ‘स्पेशल 26’ से प्रेरित होकर उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया था.

इंदौर में भी हुई थी ठगी

बता दें कि इसी साल मार्च महीने में इंदौर में एक इसी तरह का मामला सामने आया था. तब एक शिकायत राज्य साइबर सेल को भी पहुंची थी, जहां पर नकली बैंक अधिकारी बनकर तीन लाख ठग लिए गए थे. वहीं, इस पूरे मामले में राज्य साइबर सेल ने कार्रवाई कर रुपए वापस करवाए थे. राज्य साइबर सेल के एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया था कि फरियादी कोमल सिंह चौहान द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई थी कि रविवार की रात को उन्हें एक कॉल आया. कॉलर ने अपना परिचय बैंक अधिकारी देते हुए बातों में उलझाया, और उनसे ओटीपी नंबर ले लिया. बाद में जैसे ही कॉल रखा तो बैंक खाते से तीन बार मे 50-50 हजार रुपये करते हुए कुल करीब 3 लाख के आसपास रुपये कट गए.

महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर की पति की हत्या, कब्र से शव निकाले जाने के बाद हुआ खुलासा

बिहार के अररिया में एक बेवफा पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की गला तोड़कर निर्मम हत्या (Murder) कर दी. हद तो ये हुई कि पंचायत ने मामले को रफा-दफा कराकर शव को दफना दिया लेकिन जब पंचायती फरमान के तहत तय रुपये नहीं दिए गए तो मृतक की मां ने अपनी बहू समेत 7 लोगों पर FIR दर्ज कराया. मामला थाने में पहुंचने के बाद पुलिस ने शव को कब्र से खोदकर निकाला तो पत्नी की बेवफाई और हत्या की वारदात का खुलासा हुआ.

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बेवफा पत्नी ने प्रेमी के साथ की निर्मम हत्या

मामला अररिया के जोकीहाट (Jokihat) के महलगांव थाना (Mahalgaaon Thana) क्षेत्र के चैनपुर गांव का है. अपने अवैध संबंध पर पर्दा बनाए रखने के लिए पत्नी शमा प्रवीण ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति नौशाद की हत्या कर दी. शमा ने पहले तो नौशाद का गला दबाया और उसके बाद भी जब उसकी सांसे बची थी तो उसने निर्ममता से उसकी गर्दन भी तोड़ डाली. हत्या की इस वारदात की जानकारी जब पंचायत में पहुंची तो पंचायत ने मामले को रफा-दफा करने के लिए मुआवजे की राशि तय की और शव कब्र में दफना दिया गया.

पैसे नहीं मिलने पर खुला राज

पंचायत द्वारा तय जब रुपये तब मृतक की मां को नहीं मिले तो उसने महलगांव थाना में प्राथमिकी (FIR)दर्ज कराया. पुलिस ने गुरुवार देर रात शव को कब्र से खोदकर निकाला और उसका पोस्टमार्टम  कराया. पुलिस जब शव लेने पहुंची तो दो युवकों ने बैरगाछी के पास शव को छीनने  की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में ले लिया. अररिया के एसडीपी पुष्कर कुमार के मुताबिक नौशाद आलम की हत्या बीते शनिवार की देर रात को शमा प्रवीण और उसके प्रेमी ने कर दी थी, पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.

वीडियो कॉल पर प्रेमी ने बताया तरीका, बेटी ने उसी तरह से की मां की हत्‍या

फरीदाबाद – हरियाणा (Haryana) के फरीदाबाद में पुलिस की क्राइम ब्रांच (Crime Branch) टीम ने ब्लाइंड मर्डर (Blind Murder) केस को सुलझाने का दावा किया है. क्राइम ब्रांच का दावा है कि 16 वर्षीय बेटी ने ही अपनी मां को मौत के घाट उतारा है. पुलिस का दावा है कि प्रेम प्रसंग के चलते प्रेमी के साथ मिलकर बेटी ने वारदात को अंजाम दिया है. पुलिस ने बताया कि नाबालिग लड़की अपने प्रेमी के साथ शादी करना चाहती थी, लेकिन मां को ऐतराज था और वो विरोध भी कर रही थी. इससे नाराज बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया. पुलिस के मुताबिक लड़की ने रात को नींबू के पानी में मां को नींद की गोलियां दीं. इसके बाद प्रेमी ने उसे वीडियो कॉल कर हत्या करने का तरीका बताया.

बता दें कि बीते 10 जुलाई की रात वारदात को अंजाम दिया गया था. इसके बाद 11 जुलाई से पुलिस मामले की जांच कर रही थी. पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने इस ब्लाइंड मर्डर केस की जांच के लिए दिशा-निर्देश डीएलएफ क्राइम ब्रांच की टीम को दिए थे. मामले में 2 लोगों को पुलिस ने पकड़ा है.

अनुभव का मिला लाभ

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपांशु उम्र 18 वर्ष पुत्र लवकेश निवासी जिला बुलंदशहर उत्तर प्रदेश एवं एक नाबालिग लड़की उम्र 16 वर्ष निवासी फरीदाबाद के रूप में हुई है. फरीदाबाद के उड़िया कॉलोनी डबुआ में रहने वाले विशाल ने 11 जुलाई को पुलिस में शिकायत दी कि रात को किसी ने उसकी मां सुधा की हत्या कर दी है. जिस पर हत्या का मामला थाना डबुआ में दर्ज कर मामले की जांच क्राइम ब्रांच डीएलएफ को सौंपी गई थी. क्राइम ब्रांच डीएलएफ ने मामले को जल्द सुलझाने के लिए टीम गठित कर मामले की जांच शुरू की. क्राइम ब्रांच डीएलएफ की टीम ने अपने अनुभव, तकनीकी और सूत्रों के माध्यम से केस का खुलासा करते हुए आरोपी दीपांशु को 3 अगस्त और आरोपी किशोरी को बुधवार 4 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया.

वीडियो कॉल पर बताता रहा तरीका

पुलिस के मुताबिक लड़के के कहे मुताबिक लड़की ने निंबू पानी (शिकंजी) में नींद की गोलियां डालकर अपनी मां को पिला दी. इसके बाद रात को करीब साढ़े 12 बजे आरोपी दीपांशु से विडियो कॉल की और साजिश अनुसार दीपांशु ने पहले तकिये से मुंह दबाने के लिए बोला और फिर चुन्नी से गला दबाने के लिए कहा. दीपांशु के कहे अनुसार पहले तकिये से और फिर चुन्नी से गला दबाकर लड़की ने अपनी मां सुधा की हत्या कर दी. क्राइम ब्रांच डीएलएफ की टीम ने दोनों आरोपियों को बीते बुधवार को अदालत में पेश किया जहां से अदालत ने आरोपी दीपांशु को जेल में भेज दिया और नाबालिग आरोपी लड़की को करनाल नाबालिग जेल भेजने के निर्देश दिए.

कैमूर में रिश्ता हुआ कलंकित, महज 500 रुपये के लिये बड़े भाई ने छोटे भाई को मार डाला

कैमूर से एक रिश्ते को शर्मसार करने वाली खबर सामने आयी हैके लिए दूसरे भाई का खून और कुछ पैसे चाहता था. मामला केमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र के सुंडी गांव का है. यहां एक बड़े भाई ने अपने छोटे भाई को 500 रुपये में पीटा ताकि उसकी जान चली जाए। ग्रामीणों के अनुसार पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अपने साथ ले गई। वहीं, आरोपी बड़े भाई को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना की खबर मिलते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। घटना के बाद से गांव में मातम छाया है। आरोपी भाई ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उसका भाई नशे का आदी था। मैं हमेशा उससे पैसे मांगता हूं। हमने उसे कई बार समझाया, लेकिन वह नहीं समझा। जब मैंने गुस्से में उससे मेरे द्वारा दिए गए पैसे के बारे में पूछा तो उसने मना कर दिया। तब मुझे और भी गुस्सा आया और मैंने उसे डंडे से मारना शुरू कर दिया। मुझे नहीं पता कि वह कब मर गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने मोहनिया पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और कहा कि 500 ​​युआन के लिए बड़े भाई ने छोटे भाई को डंडे से पीट-पीट कर मार डाला. बड़ा भाई अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए अंशकालिक काम पर निर्भर है, जबकि मृतक छोटा भाई अभी भी नाबालिग है। प्रतिवादी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस आरक्षक परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा, दो आरोपियों को 7-7 साल की सजा

भोपाल – सीबीआई ने प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, एमपी (व्यापमं) द्वारा वर्ष 2013 में पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा फर्जी तरीके से देने वाले तीन लोगों को आरोपी बनाया था. इस केस में दो आरोपियों को सजा हो गई है. विशेष न्यायाधीश नीति राज सिंह सिसोदिया ने मामले में आरोपी बनाए गए तीन आरोपियों में से दो को 7-7 साल के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है.

जरा सी बात पर नाबालिग ने रची बड़े भाई की हत्या की साजिश, दोस्तों के साथ मिलकर उतारा मौत के घाट

CBI के विशेष लोक अभियोजक सतीश दिनकर ने बताया कि व्यापमं द्वारा वर्ष 2013 में मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की थी. जिसमें परीक्षार्थी ओम प्रकाश त्यागी पिता परशुराम त्यागी के स्थान पर परीक्षा दिलाने के लिए दलाल सतीश जाटव ने एक सौदा किया था. इसके बाद ओम प्रकाश की जगह पैसे देकर प्रखर त्रिवेदी नाम के व्यक्ति से परीक्षा दिलवाई गई. आरोपी ओम प्रकाश त्यागी और सतीश जाटव को IPC की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश के लिए दंडित किया गया है.

दस्तावेजों से छेड़छाड़ की गई

इसमें एक अभ्यर्थी ओम पास हो गया था. इसके लिए सतीश ने ओम से एक लाख 25 हजार रुपए लिए थे. यह राशि कुछ नगद और कुछ राशि का भुगतान बैंक के माध्यम से किया गया था. प्रकरण में दोनों आरोपी ओमप्रकाश त्यागी और सतीश जाटव को मूल्यवान प्रतिभूति के दस्तावेजों के कूटकरण, कूट रचित दस्तावेजों का बेईमानी पूर्वक उपयोग किया गया. असल के रूप में उपयोग में लाए जाने, छल और आपराधिक षड्यंत्र के लिए सजा सुनाई गई. मध्य प्रदेश परीक्षा मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम के तहत के तहत दोनों दोषी पाए गए हैं. प्रकरण में विवेचना सीबीआई के निरीक्षक शिरीष पावडे द्वारा की गई थी. इस मामले में परीक्षा देने वाले आरोपी त्रिवेदी की मृत्यु प्रकरण के विचारण के दौरान हो चुकी है