अजमेर : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि जब वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में गले मिले थे, तो उनके दिल में नफरत नहीं थी। गौरतलब है कि कल प्रधानमंत्री ने संसद में अपने संबोधन में उनपर हमला बोला था और कहा था कि मैंने यहीं जाना कि गले लगना और गले पड़ा में क्या अंतर होता है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज अजमेर में कहा कि भारत नफरत का नहीं बल्कि प्यार का देश है और नफरत को नफरत नहीं बल्कि प्यार ही काट सकता है। उन्होंने कहा कि जब वह लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गले मिले तो उनके दिल में मोदी के लिए किसी तरह की नफरत नहीं थी।

यहां कांग्रेस सेवा दल के महाधिवेशन को संबोधित करते हुए राहुल ने आरएसएस पर भी निशाना साधा और कहा कि वह देश को बांटने तथा नफरत फैलाने का काम करता है। उन्होंने कहा कि हम 2019 में इन्हें (भाजपा को) हराएंगे लेकिन उन्हें मिटाएंगे नहीं। राहुल ने कहा, ‘’आपने संसद में देखा, एक तरफ नरेंद्र मोदी मेरे परिवार के बारे में, मेरे बारे में उल्टी सीधी बात करते हैं गाली देते हैं।

पूरी कांग्रेस पार्टी का अपमान करते हैं, वह कहते हैं कि कांग्रेस को मिटा दूंगा। कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष लोकसभा में जाकर उनके गले लगता है। मैं आपको बता रहा हूं कि जब मैं मोदी जी के गले मिला मेरे दिल में उनके लिए नफरत नहीं थी।’ कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा ‘‘आपने उनका चेहरा देखा होगा। भाई, नफरत को नफरत नहीं काट सकती। नफरत को प्यार ही काट सकता है। मैं अनुभव से बता रहा हूं कि जब मैं उनके गले मिला तो उनके अंदर जो नफरत थी उस नफरत को मेरे प्यार ने दबा लिया।’

राहुल ने नफरत को डर का दूसरा रूप बताते हुए कहा कि डर के बिना नफरत नहीं हो सकती. जिसे लोग नफरत कहते हैं वह वास्तव में डर है। उन्होंने कहा कि भारत नफरत का देश नहीं बल्कि यह देश प्यार का देश है। उन्होंने कहा ‘‘भले ही भाजपा और मोदी कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हों लेकिन हम 2019 में उन्हें हराएंगे, हम उन्हें मिटाएंगे नहीं।’ उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए हिंदुस्तान एक प्रोडक्ट है लेकिन कांग्रेस इसे ऐसा समंदर मानती है जो सब लोगों से मिलकर बना है। कांग्रेस अध्यक्ष ने सेवादल को पार्टी का महत्वपूर्ण संगठन बताते हुए कहा कि सेवादल पार्टी की विचारधारा का रक्षक है और हमारा सबसे जरूरी संगठन है।

‘‘लेकिन कांग्रेस पार्टी के परिवार में जो जगह और आदर सेवादल को मिलना चाहिए था वह नहीं मिला। इसके लिए मैं माफी मांगता हूं।’ उन्होंने कहा कि आरएसएस की नफरत और बांटने की सोच का मुकाबला सेवादल प्यार और गले लगाने की सोच के साथ करे। सेवादल का महाधिवेशन लगभग तीन दशक बाद आयोजित हुआ है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।