लखनऊ : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ हवाईअड्डे पर रोके जाने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि उनकी यात्रा से छात्र गुटों के बीच हिंसा और आगजनी भड़क सकती थी।

इस मुद्दे पर सपा सदस्यों के हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, अखिलेश यादव की यात्रा से छात्र गुटों के बीच में हिंसा भड़क सकती थी। आगजनी भड़क सकती थी. उन्होंने कहा कि यादव दस दिन पहले कुंभ गये थे और उन्होंने संगम में डुबकी भी लगायी थी। योगी ने कहा कि सपा अराजकता के लिए जानी जाती है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अराजकता की स्थिति पैदा ना हो इसलिए उन्हें रोका गया। विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रयागराज जिला प्रशासन ने भी यह मांग की थी। उन्होंने कहा, ‘‘वह जाते तो इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में बवाल होता। छात्र गुटों में हिंसा की आशंका के चलते भी उन्हें रोका गया।

हालांकि, इस हाईवोल्टेज ड्रामा के बीच सपा प्रमुख यादव ने फिर ट्वीट किया, बिना किसी लिखित आदेश के मुझे एयरपोर्ट पर रोका गया। पूछने पर भी स्थिति साफ करने में अधिकारी विफल रहे। छात्र संघ कार्यक्रम में जाने से रोकने का एकमात्र मकसद युवाओं के बीच समाजवादी विचारों और आवाज को दबाना है। यादव के साथ मौजूद सपा नेता इंद्रजीत सरोज ने कहा, हमारे पास एटीसी से उड़ान भरने की इजाजत थी। विमान खड़ा था और हमें केवल मौखिक आदेश के आधार पर रोका गया। हम हवाई अड्डा अधिकारियों से लिखित में मांग रहे थे कि हमें क्यों रोका गया, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला।

इस बीच प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र गुटों के बीच संघर्ष की आशंका को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी थी। कुंभ में भारी भीड़ के कारण कार्यक्रम नहीं होने से संबंध में जिलाधिकारी प्रयागराज ने पूर्व मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी लखनऊ को सूचना इसकी सूचना दे दी थी। गौरतलब है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार सुबह ट्वीट के जरिए आरोप लगाया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र नेताओं के शपथ समारोह में शामिल नहीं होने देने के लक्ष्य से उन्हें लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर रोक दिया गया।