टोरंटोः कनाडा में एक कंपनी के सीईओ की मौत से निवेशकों के करीब 974 करोड़ रुपये फंस गए हैं। सूत्रों के मुताबिक , क्रिप्टोकरेंसी फर्म क्वाड्रिगा के फांउडर और सीईओ गेराल्‍ड कोटेन की मौत दिसंबर में हुई थी। इस करंसी के लिए लगाया गया पासवर्ड किसी को भी पता नहीं है। यहां तक कि उनकी पत्नी को भी नहीं। कई विशेषज्ञों ने भी इसे अनलॉक करने की कोशिश की लेकिन सब असफल रहे।
कैसे हुई जानकारी?
दरअसल, क्वाड्रिगा कंपनी ने इस मामले को लेकर अदालत में क्रेडिट प्रोजेक्शन की अर्जी दाखिल की है। कोटेन की पत्नी जेनिफर रॉबर्टसन ने कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर कोर्ट से गुहार लगाई है कि निवेशकों के पैसे न डूबे इसलिए उनकी मदद की जाए। इसके बाद ही मामले की जानकारी सार्वजनिक हुई। कोर्ट में बताया गया है कि इस लॉक होने की वजह से कंपनी के करीब 1.15 लाख यूजर पर इसका असर पड़ा है।
अनाथ बच्चों के लिए काम करते थे कोटेन
सूत्रों के मुताबिक जिस समय कंपनी के सीईओ गेराल्‍ड कोटेन की मौत हुई उस वक्त वे भारत की यात्रा पर थे। कोटेन महज 31 वर्ष के थे। वे अनाथ बच्चों के लिए काम करते थे। इसकी वजह से वे भारत में एक अनाथालय भी खोलना चाहते थे।
क्या है क्रिप्टोकरेंसी?
दरअसल क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी मुद्रा है जिसे डिजिटल माध्यम के रूप में निजी तौर पर जारी किया जाता है। यह क्रिप्टोग्राफी व ब्लॉकचेन जैसी डिस्ट्रीब्यूटर लेजर टेक्नोलॉजी (डीएलटी) के आधार पर काम करती है। सरल शब्दों में कहें तो ब्लॉकचेन एक ऐसा बहीखाता है जिसमें लेनदेन को ब्लॉक्स के रूप में दर्ज किया जाता है और क्रिप्टोग्राफी का इस्तेमाल कर उन्हें लिंक कर दिया जाता है। क्रिप्टोग्राफी सूचनाओं को सहेजने और भेजने का ऐसा सुरक्षित तरीका है जिसमें कोड का इस्तेमाल किया जाता है और सिर्फ वही व्यक्ति उस सूचना को पढ़ सकता है जिसके लिए वह भेजी गई है।