नई दिल्ली : रामजन्म भूमि आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले व विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के पूर्व अध्यक्ष विष्‍णु हरि डालमिया का बुधवार सुबह 91 साल की उम्र में निधन हो गया है। विहिप के प्रवक्ता विनोद बंसल ने बताया कि डालमिया लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे। डालमिया का पार्थिव शरीर बुधवार शाम 3 बजे तक उनके नई दिल्ली स्थित निवास 18 गोल्फ लिंक पर रखा जाएगा। शाम साढ़े चार बजे दिल्ली के निगमबोध घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

डालमिया को सांस संबंधी दिक्कत थी

श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के तहत श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर से जुड़े सभी मंदिरों का प्रबंधन संभालने वाले श्रीकृष्ण सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने कहा कि विष्णु हरि डालमिया को 22 दिसम्बर की सुबह अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनको गंभीर हालत की वजह से आईसीयू में रखा गया। अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक डालमिया को ऑक्सीजन की कमी हो जाने के कारण फेफड़ों से कफ निकालने में अक्षमता जैसी गंभीर समस्याएं थीं। आपको बता दें कि डालमिया श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के लंबे समय तक मैनेजिंग ट्रस्टी रहे हैं। श्रीकृष्ण सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया। डालमिया को उनकी इच्छा के अनुसार 14 जनवरी को उनके गोल्फ लिंक रोड स्थित आवास पर ले आया गया था। इसके बाद डॉक्टरों ने वहीं पर आईसीयू बना दिया था और उनका इलाज कर रहे थे। हालांकि बुधवार सुबह 9 बजकर 38 मिनट पर सांस संबंधी दिक्कतों के चलते उनका निधन हो गया।

रामजन्म भूमि आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाई

विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेताओं अशोक सिंहल और गिरिराज किशोर के साथ 91 साल विष्णु हरि डालमिया अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद द्वारा 90 के दशक में चलाए गए राम मंदिर आन्दोलन के अगुआ नेता थे। 6 दिसम्बर 1992 को बाबरी ढांचा ढहाए जाने के मामले में उनको भी सह-अभियुक्त बनाया गया था। डालमिया साल 1979 में विश्व हिंदू परिषद से जुड़े थे और इसके उपाध्यक्ष और कार्याध्यक्ष के बाद साल 2005 तक अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।