सिडनी : भारत और आस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे पहले वन डे मैच में आज कंगारुओं ने भारत को जीत के लिए 289 रन का लक्ष्य दिया है। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने पांच विकेट के नुकसान पर 176 रन बना लिये हैं। अभी-अभी दिनेश कार्तिक का विकेट गिरा है। उनसे पहले पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी संभलकर खेलते हुए 51 रन बनाकर आउट हुए थे। रोहित शर्मा एकमात्र खिलाड़ी हैं जो टिककर खेल रहे हैं और अपने कैरियर का 22वां शतक खेला है। उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ आज अपने कैरियर का सातवां शतक जड़ा है।

भारत ने बहुत ही खराब शुरुआत की और मात्र चार रन पर उसके दो खिलाड़ी आउट हो गये। धवन शून्य पर और कोहली तीन रन बनाकर आउट हुए हैं। अंबाती रायुडू भी शून्य पर आउट हो गये सीरीज के पहले मैच में आस्ट्रेलिया ने टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और 50 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 288 रन बनाये। हालांकि कंगारुओं की शुरुआत बहुत अच्छीे नहीं रही थी और दो विकेट बहुत जल्दी गिर गया था, लेकिन बाद में कंगारुओं ने स्थिति सुधार ली।

पीटर हैंड्सकोंब की तेजतर्रार पारी के अलावा उस्मान ख्वाजा और शान मार्श के अर्धशतक की बदौलत आस्ट्रेलिया ने पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में शनिवार को यहां भारत के खिलाफ पांच विकेट पर 288 रन बनाए। हैंड्सकोंब ने 61 गेंद में छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 73 रन की पारी खेलने के अलावा मार्कस स्टोइनिस (43 गेंद में नाबाद 47, दो छक्के, दो चौके) के साथ पांचवें विकेट के लिए 68 रन की साझेदारी भी की। ख्वाजा ने 59 जबकि शान मार्श ने 54 रन की पारी खेली। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 92 रन जोड़े। हैंड्सकोंब और स्टोइनिस की तेजतर्रार पारियों से टीम अंतिम सात ओवर में 80 रन जोड़कर 300 रन के करीब पहुंचने में सफल रही।

भारत की ओवर से कुलदीप यादव ने 54 जबकि भुवनेश्वर कुमार ने 66 रन देकर दो विकेट चटकाए। रविंद्र जडेजा ने 48 रन देकर एक विकेट हासिल किया। मोहम्मद शमी ने 10 ओवर में सिर्फ 46 रन खर्च किए लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। आस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया लेकिन तीसरे ओवर में ही कप्तान आरोन फिंच (11) का विकेट गंवा दिया जिन्हें भुवनेश्वर कुमार ने बोल्ड किया। यह भुवनेश्वर का 100 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विकेट है। सलामी बल्लेबाज एलेक्स कैरी (24) ने कुछ आकर्षक शाट खेले। उन्होंने खलील अहमद पर दो चौके जड़ने के बाद भुवनेश्वर पर भी बाउंड्री लगाई।

कप्तान विराट कोहली ने 10वें ओवर में गेंद चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव को थमाई। कैरी ने इस स्पिनर पर चौका जड़ा लेकिन इसी ओवर में स्लिप में रोहित शर्मा को कैच दे बैठे जिससे टीम का स्कोर 41 रन पर दो विकेट हो गया। ख्वाजा और मार्श ने इसके बाद पारी को संवारा। दोनों ने स्ट्राइक रोटेट करने को तरजीह दी लेकिन खराब गेंद को सबक सिखाने में कोई कसर भी नहीं छोड़ी। ख्वाजा ने जडेजा पर चौके के साथ 23वें ओवर में टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंचाया। ख्वाजा ने खलील की गेंद पर एक रन के साथ 70 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। वह हालांकि इसके बाद अधिक देर नहीं टिक सके और जडेजा की गेंद को स्वीप करने की कोशिश में पगबाधा हो गए।

ख्वाजा ने इस फैसले के खिलाफ डीआरएस लिया लेकिन ‘अंपायर काल’ के कारण उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा। उन्होंने 81 गेंद का सामना करते हुए छह चौके मारे। मार्श को इसके बाद हैंड्सकोंब के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला। दोनों ने रन गति में इजाफा करने की कोशिश की। हैंड्सकोंब ने भुवनेश्वर पर लगातार दो चौके मारे जबकि मार्श ने खलील पर चौके के साथ 65 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। कोहली ने एक बार फिर साझेदारी तोड़ने के लिए कुलदीप पर भरोसा किया और उन्होंने अपने कप्तान को निराश नहीं करते हुए मार्श को लांग आन पर मोहम्मद शमी के हाथों कैच कराके हैंड्सकोंब के साथ उनकी 53 रन की साझेदारी का अंत किया।

मार्श ने 70 गेंद का सामना करते हुए चार चौके मारे। हैंड्सकोंब ने स्टोइनिस के साथ मिलकर 42वें ओवर में टीम का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया। इस बीच 45 गेंद तक कोई बाउंड्री नहीं लगी। स्टोइनिस ने कुलदीप पर छक्के के साथ बाउंड्री के सूखे को खत्म किया। हैंड्सकोंब ने भी इसी ओवर में छक्के के साथ सिर्फ 50 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। हैंड्सकोंब ने भुवनेश्वर के ओवर में दो चौके मारे। इस तेज गेंदबाज के अगले ओवर में वह हालांकि भाग्यशाली रहे जब फाइन लेग पर गेंद अंबाती रायुडू के हाथ से टकराकर छह रन के लिए चली गई। यह बल्लेबाज हालांकि अगली ही गेंद पर एक्सट्रा कवर पर शिखर धवन को कैच दे बैठा। स्टोइनिस ने भुवनेश्वर के पारी के अंतिम ओवर में छक्का और चौका जड़ा। ग्लेन मैक्सवेल 11 रन बनाकर नाबाद रहे।